मुख्यपृष्ठनए समाचारनरसिंह हवन के साथ हुआ श्रीमद्भागवत का समापन

नरसिंह हवन के साथ हुआ श्रीमद्भागवत का समापन

रवीन्द्र मिश्रा / मुंबई

नालासोपारा-पश्चिम में 15 जुलाई से शुरू हुए श्रीमद्भागवत कथा का समापन 15 अगस्त को नरसिंह हवन के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम के आयोजक एवं इस्कॉन मंदिर के एच जी मधुमंगलदास प्रभू जी ने बताया कि प्रभु पाद के सर्वश्रेष्ठ शिष्य परम पूज्य श्री गोपाल कृष्ण के प्रसन्नता एवं मंदिर की रजत जयंती के उपलक्ष्य में इस्कॉन मंदिर में 28 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में प्रतिदिन सैकड़ो भक्त श्रीमद भागवत कथा के साथ महाप्रसाद का लाभ उठाते थे । 15अगस्त को श्रीमद्भागवत समापन पर 11 मंगल कलश से सुशोभित यज्ञ कुंड बनाया गया। पहले भगवान शालिग्राम को तुलसी के पत्तों से विष्णु सहस्रनाम के विभिन्न श्लोकों से उनका सहस्त्रार्चन किया गया। पश्चिम बंगाल मायापुर चैतन्य महाप्रभु की भूमि से पधारे चैतन्य कृष्णदास तथा उनके 6 सहयोगियों ने भगवान नरसिंह के विविध मंत्रों से पुर्णाहुति कराई। यज्ञ मंडप में बाबूभाई राज पुरोहित एवं अजामिल विजयदास परिवार सहित कुल 80 दंपत्तियों ने भगवान नरसिंह के विविध मंत्रों पर आहुती अर्पित की। इस अवसर पर श्रीनाथ धाम गौशाला के संस्थापक एवं मुख्य पुजारी जन्माष्टमी दास की उपस्थिति में भगवान जगन्नाथ बलभद्र और सुभद्रा को ढाई हजार पुष्पों से पुष्प अभिषेक किया गया। सुबह 9 बजे से रात 12 संपन्न हुए कार्यक्रम में सैंकड़ों भक्तों ने महाप्रसाद का लाभ उठाया।

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