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दादा गुट में अंदरूनी घमासान!

-अध्यक्ष को अंधेरे में रख २ नेताओं ने की सीएम से मुलाकात
-तटकरे-प्रफुल्ल पटेल को लेकर बढ़ी नाराजगी

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर अजीत पवार गुट के भीतर अंदरूनी मतभेद की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हुई मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। चर्चा है कि इस मुलाकात की जानकारी उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को पहले से नहीं थी, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष की स्थिति पैदा हो गई है। इसे लेकर सुनेत्रा पवार के समर्थक खासे नाराज बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी में सुनेत्रा पवार के महत्व को कुछ लोग कम करने का प्रयास कर रहे हैं।
इसी बीच, दादा गुट के नेता और पूर्व विधायक अमोल मिटकरी ने इस पूरे घटनाक्रम पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व को विश्वास में लिए बिना मुख्यमंत्री से मुलाकात करना गंभीर विषय है। मिटकरी का यह बयान पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी और खींचतान की ओर इशारा माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि पार्टी के वरिष्ठ नेता नेतृत्व को विश्वास में लिए बिना महत्वपूर्ण राजनीतिक बैठकें करते हैं तो इससे संगठन के भीतर समन्वय और नेतृत्व की स्वीकार्यता पर सवाल खड़े हो सकते हैं। ऐसे में अमोल मिटकरी का बयान भी इसी नाराजगी का सार्वजनिक संकेत माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के एक वर्ग का मानना है कि उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को संगठन और सरकार से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में अपेक्षित महत्व नहीं दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री से हुई इस मुलाकात ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सुनेत्रा पवार को नजरअंदाज कर रहे हैं नेता?
बता दें कि दो दिन पहले मुख्यमंत्री के बंगले पर देर रात दादा गुट के नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। तीनों के बीच क्या चर्चा हुई, इसकी जानकारी खुद दादा गुट की प्रमुख सुनेत्रा पवार को भी नहीं होने का दावा सूत्रों ने किया है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी में सुनेत्रा पवार परिवार और उक्त दोनों नेताओं के बीच मतभेद की स्थिति पहले भी देखने को मिलती रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि वरिष्ठ दोनों नेता सुनेत्रा पवार को नजरअंदाज कर रहे हैं।

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