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तहकीकात : जरूरत नहीं, बीमारी बन गया था सेक्स… लड़कियों की तलाश में रहता था सिरफिरा

फिरोज खान

अब से तकरीबन २ साल पहले आकांक्षा शर्मा की दोस्ती फेसबुक के जरिए उदयन दास से हुई थी। फेसबुक चैटिंग में उदयन दास ने खुद को आईएफएस अफसर बताया था, जो अमेरिका में रहता है और अक्सर भारत आया करता है। आजकल जैसा कि आमतौर पर फेसबुक चैटिंग में होता है, वह आकांक्षा शर्मा और उदयन दास के मामले में भी हुआ। दोनों एकसाथ हरिद्वार, मसूरी और देहरादून भी घूमने गए और एक ही होटल में एकसाथ एक कमरे में रुके। इस दौरान दोनों के बीच कई बार शारीरिक संबंध। फिर उदयन दास अमेरिका यानी भोपाल लौट गया। कुछ दिनों बाद दोनों मिले और उन्होंने भोपाल के ही पिपलानी के काली बाड़ी मंदिर में शादी भी कर ली। शादी के बाद उदयन एक दिन आकांक्षा पर कहर बनकर टूटा। आकांक्षा का एक बॉयप्रâेंड और था, जिसने उसके कुछ फोटो आपत्तिजनक स्थिति में खींचे थे। ये फोटो उदयन दास की निगाह में आए। पूछने पर आकांक्षा ने कुछ सच्ची और कुछ झूठी बातें उसे बतार्इं, तो उदयन को लगा कि आकांक्षा ने उससे झूठ तो बोला ही है, साथ ही उस के नाजायज ताल्लुकात पुराने बॉयप्रâेंड से अभी भी हैं और वह उसे पैसे भी देती रहती है। रातभर जाग कर उदयन दास आकांक्षा के कत्ल की योजना बनाता रहा और सुबह के ५ बजते उसने उसकी हत्या भी कर डाली। सुबह नजदीक की दुकान से उदयन दास ने १४ बोरी सीमेंट खरीदा और आकांक्षा की लाश एक पुराने बक्से में डाल दी और तकरीबन १० बोरी सीमेंट घोल कर उस में भर दिया, जिस से लाश जम जाए। दोपहर को उसने अपने एक पहचान वाले मिस्त्री को बुलाया और कमरे में गड्ढा कर लाश से भरा बक्सा दफना दिया। दूसरी ओर आकांक्षा के मां-बाप बांकुरा में परेशान थे। कुछ दिनों तक तो उन्होंने सब्र रखा, लेकिन किसी अनहोनी का शक उन्हें हुआ, तो उन्होंने आकांक्षा की गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज करा दी। तफ्तीश के दौरान कई बातें सामने आर्इं, जिससे शक की सुई उदयन की तरफ गई। पुलिस उदयन की निगरानी करती रही, लेकिन ज्यादा कुछ और हासिल नहीं हुआ, तो पुलिस ने उदयन के घर दबिश डाल दी। घर की तलाशी और छानबीन में पुलिस की नजर चबूतरे पर पड़ी, जिसका ताजा निर्माण हुआ था। चबूतरे के बाबत पुलिस वालों ने सवाल-जवाब शुरू किए, तो पहले तो उदयन खामोश रहा, पर थोड़ी देर बाद ही उसने कहा कि उसने आकांक्षा का कत्ल कर दिया है और उस की लाश इस चबूतरे के नीचे दफन है। उन्होंने तुरंत चबूतरे की खुदाई के लिए मजदूर बुला लिए। थोड़ी खुदाई के बाद निकला वह बक्सा, जिसमें आकांक्षा की लाश २ महीनों से पड़ी थी। बक्सा खोला गया, तो उसमें से आकांक्षा की मुड़ीतुड़ी हड्डियां निकली। पूछताछ में उसने यह भी बताया कि शादी के बाद अपनी बीवी आकांक्षा शर्मा के साथ वह खानेपीने के अलावा सिर्फ सेक्स ही करता रहा था। सेक्स उस के लिए जरूरत नहीं, बल्कि एक खास किस्म की बीमारी बन गया था। लगातार सेक्स करने में वह थकता इसलिए नहीं था कि हमेशा नशे में रहता था। उदयन ने पुलिस वालों को यह भी बताया छोटी उम्र से ही सेक्स का नशा था। वह जब ८वीं जमात में था, तब जेब में कंडोम रखकर चलता था कि क्या पता कब कोई लड़की सेक्स करने के लिए राजी हो जाए।

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