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मुंबईकरों का वडा-पाव हुआ महंगा!..१५ से ३० रुपए हुई कीमत!!.. खाद्य तेल, बेसन और सिलेंडर के दाम बढ़ने का साइड इफेक्ट

सामना संवाददाता / मुंबई

ईरान-इजरायल संघर्ष का असर अब सीधे भारत के आम नागरिकों पर पड़ने लगा है। एलपीजी की कमी के कारण घरेलू सिलेंडर के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। वहीं कई होटल व्यावसायियों का कारोबार भी मंद पड़ गया है। आम लोगों के पेट का सहारा माने-जानेवाले वडा-पाव पर भी इस संकट का असर पड़ा है। एलपीजी के साथ-साथ खाद्य तेल और बेसन के दाम बढ़ने से जो वडा-पाव पहले २०-२५ रुपए में मिलता था, वह अब २५-३० रुपए तक पहुंच गया है।
युद्ध के कारण खाड़ी देशों में तनाव का माहौल बना हुआ है, जिससे पिछले कई दिनों से र्इंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है। एलपीजी की कमी के चलते सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं। वहीं व्यावसायिक सिलेंडर के दाम आसमान छूने लगे हैं, जिससे होटल व्यावसायियों और छोटे ढाबा संचालकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। मुंबई और उपनगरों में करीब ५० फीसदी होटल अस्थायी रूप से बंद होने की जानकारी सामने आई है। व्यावसायिक गैस की कमी के चलते काले बाजार में सिलेंडर की कीमत ४,००० रुपए से ऊपर पहुंच गई है। साथ ही खाद्य तेल की कीमतों में ३०-४० रुपए की बढ़ोतरी हुई है। ब्रेड, बेसन, आलू समेत अन्य कच्चे माल के दाम भी बढ़ गए हैं, जिससे व्यापारियों को घाटा सहना पड़ रहा है। इस महंगाई के चलते मुंबई और उपनगरों में कई वडा-पाव विक्रेताओं ने ५ रुपए तक दाम बढ़ा दिए हैं, जिससे अब वडा-पाव २५ से ३० रुपए तक पहुंच गया है।
कोयला, चूल्हा और इंडक्शन की मांग बढ़ी
खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के चलते कई जगहों पर रसोई गैस की कमी हो गई है। इसके कारण होटल और छोटे खाद्य विक्रेता कोयले के चूल्हे और इंडक्शन स्टोव खरीदने के लिए दौड़ लगा रहे हैं। हालांकि, इन गैस-रहित चूल्हों की मांग बढ़ी है। लेकिन बाजार में उनकी उपलब्धता कम होने के कारण लोगों को इन्हें खरीदने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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