मुख्यपृष्ठनए समाचारवसई-विरार के कृत्रिम तालाबों में ८१ प्रतिशत गणेश मूर्तियों का विसर्जन

वसई-विरार के कृत्रिम तालाबों में ८१ प्रतिशत गणेश मूर्तियों का विसर्जन

-नागरिकों का मिला अच्छा प्रतिसाद

राधेश्याम सिंह / विरार

वसई-विरार शहर महानगरपालिका क्षेत्र में ३१ अगस्त को पांच दिवसीय गणेश विसर्जन बड़े हर्षोल्लास और भक्तिभाव से संपन्न हुआ। विसर्जन के लिए महानगरपालिका द्वारा तैयार किए गए कृत्रिम तालाबों को नागरिकों का अच्छा प्रतिसाद मिला। इस दिन कुल ८,२९३ गणेश मूर्तियों का विसर्जन हुआ, जिसमें ७,७५० घरेलू मूर्तियां और ५४३ सार्वजनिक मूर्तियां शामिल थीं। इनमें से ६,३१८ घरेलू और ४०५ सार्वजनिक, कुल ६,७२३ मूर्तियां कृत्रिम तालाबों में विसर्जित की गर्इं, जो कुल विसर्जन का ८१ प्रतिशत है।
११६ कृत्रिम तालाबों का किया गया था निर्माण
आयुक्त मनोज कुमार सूर्यवंशी (भा.प्र.से.) के मार्गदर्शन में तथा अतिरिक्त आयुक्त संजय हेरवाडे और दीपक सावंत की देखरेख में इस वर्ष विसर्जन के लिए ११६ कृत्रिम तालाबों का निर्माण किया गया था। साथ ही ६ जेटी स्थानों और २ बंद खदानों में भी विसर्जन की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। प्रत्येक प्रभाग में २ मोबाइल विसर्जन टैंकों के अनुसार, कुल ९ प्रभागों में १८ मोबाइल टैंक उपलब्ध कराए गए।
इसके अलावा विसर्जन स्थलों पर नागरिकों की सुविधा के लिए पंडाल व्यवस्था, आरती स्थल, दीप व्यवस्था, मूर्ति संकलन केंद्र, निर्माल्य कलश, चिकित्सा सहायता कक्ष आदि सभी आवश्यक सुविधाएं मनपा द्वारा मुहैया कराई गई थीं। किल्लाबंदर जेटी पर विसर्जन के लिए जाने वाले नागरिकों की सुविधा हेतु, मनपा द्वारा नरवीर चिमाजी अप्पा स्मारक से किल्लाबंदर जेटी तक नि:शुल्क बस सेवा प्रदान की गई। महानगरपालिका के दोनों अतिरिक्त आयुक्त, उप-आयुक्त, सहायक आयुक्त, विभाग प्रमुख, अग्निशमन दल व अन्य कर्मचारी प्रत्येक प्रभाग में मौजूद रहकर विसर्जन प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संपन्न करने में जुटे रहे। पुलिस विभाग भी पूरी तत्परता से कार्यरत था, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
महानगरपालिका द्वारा की गई व्यवस्था, पुलिस प्रशासन, स्वयंसेवकों, लोक प्रतिनिधियों, सार्वजनिक गणेश मंडलों और नागरिकों के सहयोग से पांच दिवसीय गणपति विसर्जन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। न्यायालय के आदेशों और राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, पर्यावरण के अनुकूल गणेशोत्सव मनाने के उद्देश्य से महानगरपालिका ने कृत्रिम तालाबों और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है। अब तक संपन्न हुए डेढ़ दिवसीय और पांच दिवसीय विसर्जन में कृत्रिम तालाबों को नागरिकों का अच्छा प्रतिसाद दिया है। महानगरपालिका आयुक्त मनोजकुमार सूर्यवंशी ने नागरिकों से अपील की है कि आने वाले सात दिवसीय गणपति, गौरी विसर्जन और अनंत चतुर्दशी पर भी कृत्रिम तालाबों को प्राथमिकता दें और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करें।

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