-प्लॉटों पर जबरन कब्जा कर रहे हैं भूमाफिया
राजेश सरकार / प्रयागराज
शहर से सटे नैनी के चाका ब्लॉक एरिया में भूमाफियाओं का दबदबा कायम है। इनके पास गुर्गों की भारी संख्या है, जो शिकार खोजते रहते हैं। जैसे ही कोई जमीन खरीदने वाला इनके संपर्क में आता है तो पहले ये उनको लेकर भूमाफिया के पास जाते हैं। भूमाफिया प्लॉट दिखाने साथ लेकर जाता है। मौके पर ओरिजनल दस्तावेज भी दिखाए जाते हैं और जब प्लॉट खरीदने वाला राजी हो जाता है तो सौदा भी पक्का कर देते हैं। प्लॉट बेच दिया जाता है।
इसके बाद लेने वाला जब दो-तीन महीने बाद प्लॉट पर बाउंड्री बनाना शुरू करता है, तभी भूमाफिया अपने गुर्गों को भेजकर काम रुकवाने लगता है। फिर भूमाफिया उस प्लॉट का फर्जी दस्तावेज दिखाकर किसी अन्य व्यक्ति को भूखंड का स्वामी बताते हुए उसे काम रोक देने की धमकी देता है। यहीं से शुरू होता है गुर्गों से प्लाट खरीदने वाले से वसूली का खेल। बेवजह के विवाद और चक्कर में फंसने से बचने को अक्सर लोग औने-पौने दाम पर गुर्गों के हाथों प्लॉट बेचकर कहीं और जाकर बसने की योजना बना लेते हैं। वैसे कुछ लोग अपवाद हैं, जो इन गुर्गों का फर्जीवाड़ा समझ जाते हैं और इनके भौकाल में नहीं आते, जिनसे भूमाफिया अदावत पाल लेते हैं। इससे आए-दिन बवाल मचा रहता है।
ज्वलंत मामला कमला नगर धनुहा चाका का है, जहां कुछ दिन पहले भूमाफिया और उसके गुर्गों ने बुल्डोजर लेकर सीआरपीएफ से रिटायर्ड कमांडेंट सूर्यकांत मिश्रा के निर्माणाधीन मकान को गिराने का प्रयत्न किया था, जिससे मौके पर कई राउंड गोलियां चलाई गर्इं थी। हास्यास्पद स्थिति यह थी कि मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल सीआरपीएफ से रिटायर्ड कमांडेंट और उनके पुत्र को लाइसेंसी राइफल समेत गिरफ्तार कर नैनी थाने ले गई थी। वहां भूमाफिया के पक्ष से मिली तहरीर पर रिटायर्ड कमांडेंट सूर्यकांत और उनके पुत्र गौरव के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर दूसरे दिन ही पिता पुत्र को जेल भेज दिया गया था। घटना के ठीक ३६ घंटे बाद रिटायर्ड फौजी के पक्ष से उनकी पत्नी मनोरमा मिश्रा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया।
