मुख्यपृष्ठनए समाचारहाय री महंगाई दिवाली मा घरे कैसे जाई...?

हाय री महंगाई दिवाली मा घरे कैसे जाई…?

-६०० रुपए वाला टिकट अब ४,००० रुपए पार

-भाजपा सरकार कर रही कालाबाजारी को नियमित करने का काम!

-सपा अध्यक्ष ने योगी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

सामना संवाददाता / लखनऊ

देशभर में त्योहारी सीजन के चलते शहरों में बसे लोग अपने-अपने गांवों में अपने परिवार के साथ दीपावली का पर्व मनाने के लिए जा रहे हैं। लेकिन महंगाई ने जहां एक ओर खाना-पानी महंगा कर दिया है, उसी तरह किराए में भी बेशुमार वृद्धि देखने को मिली है। रेलवे हो या बस, किराए में हुए बेशुमार वृद्धि ने आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है। पिछले कई दिनों से विपक्ष महंगाई के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहा है। इसी कड़ी में अब सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने त्योहार पर सवारी वाहनों के किराए में बढ़ोतरी को लेकर भाजपा सरकार पर कालाबाजारी को नियमित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा त्योहारों के दौरान परिवारों को एक साथ नहीं आने देना चाहती।
सपा प्रमुख ने सोमवार को `एक्स’ पर एक समाचार रिपोर्ट साझा की, जिसमें ६०० रुपए वाली बस टिकट की कीमत चार हजार रुपए से पार जाने का उल्लेख किया गया है। उन्होंने लिखा,`सर्ज प्राइसिंग के नाम पर, भाजपा सरकार कालाबाजारी को नियमित करने का काम कर रही है। भाजपा चंदे और कमीशन के जरिए मुनाफाखोरी में हिस्सा लेती है। एक अन्य पोस्ट में सपा प्रमुख ने कहा कि पुलिस अभय का प्रतीक होनी चाहिए, भय का नहीं।
`भाजपा का भ्रष्टाचार ही महंगाई की असली वजह है’
अखिलेश यादव ने कहा, `भाजपा चंदे और कमीशन के जरिए मुनाफाखोरी में हिस्सा लेती है। भाजपा का भ्रष्टाचार ही महंगाई की असली वजह है। भाजपा की मानसिकता लोगों को अलग-थलग रखने और दूरी बनाए रखने की है। केवल परिवार ही त्योहारों को एक साथ मनाने के महत्व को समझते हैं।’

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