अरुण कुमार गुप्ता
हिंदुस्थान के भविष्य की चिंता छोड़कर अब यहां के नेताओं का सिर्फ एक ही काम रह गया है चुनाव जीतना और उद्योगपतियों का काम नेताओं की मदद करके चुनाव जितवाना और बाद में पैसे बटोरना। यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि देश के ताजा हालात गवाही दे रहे हैं। ताइवान जैसा एक छोटा सा देश, मार्केट कैपिटलाइजेशन में भारत को पछाड़ दिया है। ताइवान दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शेयर मार्केट बन गया है। ताइवान में लिस्टेड कंपनियों की वैल्यू इंडिया में लिस्टेड कंपनियों की वैल्यू से ज्यादा हो गई है। ऐसा इसलिए हुआ कि विदेशी निवेशक इंडियन मार्केट से पैसा निकाल रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में विदेशी निवेशकों ने इंडियन मार्वेâट से २४ बिलियन डॉलर से ज्यादा निकाला है, वह भी इंडियन कंपनियों को ओवर वैल्यु बताकर। उन्हें भारत की इकोनॉमी पर भरोसा नहीं है। ताइवान की सरकार और वहां के उद्योगपतियों ने एआई और सेमीकंडक्टर चिप का किंग बना दिया। ताइवान के नेता व उद्योगपति देश के प्रति ईमानदार हैं। यहां के नेता मक्कार हैं, उससे भी ज्यादा उद्योगपति। हिंदुस्थान ताइवान से क्षेत्रफल में ९१ गुना बड़ा है और पॉपुलेशन में ६० गुना ज्यादा है। ताइवान पर हमेशा चीन के हमले और भूकंप का खतरा रहता है। इसके बावजूद इतनी तेजी से ताइवान आगे बढ़ रहा है। हिंदुस्थान जीडीपी के मामले में चौथे से छठवें नंबर पर खिसक गया है, लेकिन यहां के नेताओं को सत्ता की जोड़-तोड़ और चुनाव जीतने के अलावा देश के भविष्य को लेकर कोई चिंता नहीं है। आखिर हम भावी पीढ़ी को वैâसा भविष्य देना चाहते हैं, यह यक्ष प्रश्न है।
अच्छे दिन आकर चले गए क्या?
इस देश में सरकार से सवाल पूछना गुनाह है। यह हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि सरकार द्वारा आए दिन सवाल पूछने वालों को कुचलने के प्रयास खुद साबित कर रहे हैं। यहां हिंदू यदि आवाज उठाता है तो उसे कांग्रेसी, मुस्लिम आवाज उठाता है तो आतंकवादी, सिख आवाज उठाता है तो खालिस्तानी, क्रिश्चियन आवाज उठाता है तो मिशनरी, आदिवासी आवाज उठाता है तो नक्सलवादी, स्टूडेंट आवाज उठाता है तो एंटी नेशनल और टीचर के आवाज उठाने पर उसे देश का गद्दार कहा जाता है। आखिर सही कौन है? सरकार… यदि शुद्ध पानी चाहिए तो वॉटर प्यूरीफायर लगाओ, साफ हवा चाहिए तो एयर प्यूरीफायर, २४ घंटे बिजली चाहिए तो इनवर्टर, अरावली खुद साबित करे कि वह पहाड़ है, मतदाता साबित करें कि वह वोटर हैं, शंकराचार्य साबित करें कि वह शंकराचार्य हैं और सरकार कुछ नहीं…! खराब सड़क की शिकायत करो तो पाकिस्तान चले जाओ, नौकरी मांगो तो पकौड़े बेचने की बात करते हैं। दूध, पनीर सब नकली, हॉस्पिटल्स की हालत खराब, महंगाई चरम पर है, करप्शन देश को खोखला कर रहा है, रेपिस्ट खुलेआम घूम रहे हैं। अमीर और अमीर, गरीब और गरीब होता जा रहा है। पेट्रोल में २० प्रतिशत एथेनॉल गडकरी जी मिला रहे हैं। युएस यूजी पोर्ट में अडानी और सरकार किस पर ब्लेम कर रही है, नेहरू जी पर। अब लोग पूछ रहे हैं अच्छे दिन आकर चले गए क्या या वह भी नेहरू जी से पूछें।
