अमिताभ श्रीवास्तव
एक अतिरोमांचक मैच में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को २-१ से हराकर सेमीफाइनल से बाहर कर दिया और फाइनल में प्रवेश किया। मगर इस जीत के साथ ऐसा लगा जैसे अर्जेंटीना नहीं फॉकलैंड विजयी रहा है क्योंकि मेसी के खिलाड़ियों ने जीत का जश्न एक घृणित बैनर लहराकर मनाया, जिसमें फॉकलैंड द्वीप समूह का दावा किया गया था। जी हां, कुछ सनकी प्रशंसकों को भी फॉकलैंड की आजादी का दावा करने वाला निंदनीय बैनर लहराते हुए देखा गया। जबकि इसके उलट इन द्वीपों के निवासियों ने भारी बहुमत से ब्रिटिश के पक्ष में मतदान किया है। जीत के बाद खिलाड़ियों ने एक बैनर लहराया जिस पर लिखा था ‘लास माल्विनास सोन अर्जेंटिनास’ जिसका अनुवाद ‘फॉकलैंड अर्जेंटीना के हैं’। क्रिस्टियन रोमेरो, मिडफील्डर जियोवानी लो सेल्लो और डिफेंडर लिसेंड्रो मार्टिनेज उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने तख्ती पकड़ी हुई थी। मिडफील्डर लिएंड्रो पारेडेस ने मैच के बाद एक साक्षात्कार में रिपोर्टर से कहा कि फॉकलैंड्स ‘हमेशा अर्जेंटीना का ही रहेगा’। फीफा ने २०१४ में स्लोवेनिया के खिलाफ एक मैत्री मैच से पहले इसी संदेश वाला बैनर लहराने के लिए अर्जेंटीना पर २०,००० पाउंड का जुर्माना लगाया था। दरअसल, १९८२ में जब अर्जेंटीना ने फॉकलैंड द्वीप समूह पर आक्रमण कर उस पर कब्जा कर लिया था, तब ब्रिटेन ने उस क्षेत्र की रक्षा के लिए एक भीषण युद्ध लड़ा था। इस घटना में २५५ सैन्यकर्मियों, तीन द्वीपवासियों और ६४९ अर्जेंटीनाई कर्मियों की जान चली गई। मैच से पहले, अर्जेंटीना के उप-राष्ट्रपति ने इंग्लैंड को ‘हड़पने वाले समुद्री डाकूू’ करार दिया था। अब जब अर्जेंटीना इंग्लैंड से जीता तो उसने अपनी मंशा भी जाहिर कर दी।
गम में ही नहीं शराब में भी डूब गया ब्रिटेन
अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को विश्व कप से बाहर क्या कर दिया पूरा ब्रिटेन गम में डूब गया। अपने गम को दूर करने के लिए निराश इंग्लैंड के प्रशंसकों ने अपने आप को शराब में डुबो दिया। जी हां, देश भर में प्रशंसक इंग्लैंड की रात ८ बजे शुरू होने वाले मैच को देखने के लिए अपने कार्यस्थलों से निकलकर स्टेडियम में बीयर के गिलास भरकर उमड़ चुके थे, तो देशभर के क्लब, सिनेमाघर, बाजार का हर कोना अपनी टीम की जीत का जश्न मनाने के लिए बेताब था। मगर एक रोमांचक, उतार-चढ़ाव भरे मैच में इंग्लैंड की बढ़त के बावजूद आखिरी सात मिनटों में मेसी के जादू ने उसे पराजित कर दिया। इस हार से दुखी, निराश पूरा ब्रिटेन गम में डूब गया। हालात ऐसे थे कि जैसे कोई ब्लेक आउट हो चुका हो। घरों में सोफे पर बैठे समर्थक, पबों में मौजूद समर्थक और पैâन जोन में मौजूद समर्थक ६० साल के इस दर्द को मिटता हुआ नहीं देख सके। स्टेडियम ही नहीं बल्कि ब्रिटेन के हर घर, चौराहे आंसुओ के सैलाब से तर हो गए थे। लोगों ने जो शराब जश्न मनाने के लिए जुटाई थी, वह उनके गम दूर करने के काम आई। बताया जाता है कि ब्रिटेनवासी अपनी हार से दुखी होकर शराब में डूब गए। रातभर शराब पीकर वो अपनी टीम और अर्जेंटीना को कोसते रहे।
(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)
