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इथेनॉल से खराब हो रहीं गाड़ियां…माइलेज भी कम!..आदित्य ठाकरे का मोदी सरकार पर हमला… पीएम को लिखा पत्र, १०० प्रतिशत पेट्रोल का दो विकल्प

सामना संवाददाता / मुंबई

इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण देशभर के लाखों वाहन मालिकों, खासकर युवाओं और मध्यमवर्गीय परिवारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक तरफ जहां गाड़ियों के इंजन खराब हो रहे हैं, वहीं माइलेज भी कम हो रहा है। ऐसी शिकायतें अब आम हो रही हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की इथेनॉल नीति किसी विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए है क्या? यह सवाल उठाते हुए शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने केंद्र सरकार को घेरा।
उन्होंने पेट्रोल में इथेनॉल की बढ़ती मात्रा से मिल रही जनशिकायतों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि इथेनॉल नीति से जनता को भारी नुकसान हो रहा है। अपने पत्र में उन्होंने मांग की कि उपभोक्ताओं को १०० प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल और इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल, दोनों विकल्प दिया जाए ताकि वे अपनी पसंद का विकल्प चुन सकें।
आदित्य ठाकरे ने अपने पत्र में कहा कि देश के अधिकांश परिवारों के लिए दोपहिया या चारपहिया वाहन कोई विलासिता की वस्तु नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, बचत और ईएमआई के जरिए खरीदी गई संपत्ति होती है। ऐसे में वाहन मालिकों की यह स्वाभाविक अपेक्षा होती है कि उनका वाहन कंपनी द्वारा बताए गए माइलेज और प्रदर्शन के अनुरूप चले और उसकी लाइफ भी लंबी हो। उन्होंने कहा कि पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में वाहन मालिक यह शिकायत कर रहे हैं कि उनके वाहनों का माइलेज कम हो गया है और इंजन का प्रदर्शन भी प्रभावित हुआ है।
बिना विकल्प नीति लागू करना भारी अन्याय
आदित्य ठाकरे का कहना है कि देश में चल रहे अधिकांश वाहन अधिक इथेनॉल मिश्रित र्इंधन के लिए मूल रूप से डिजाइन नहीं किए गए थे। ऐसे में बिना कोई विकल्प दिए इस नीति को लागू करना वाहन मालिकों पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है। आदित्य ठाकरे ने अपने पत्र में यह भी कहा कि केंद्र सरकार का यह पैâसला अपने किसी विशेष हितैषी समूह को लाभ पहुंचाने का माध्यम नहीं बनना चाहिए।

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