एजेंसी / वाशिंगटन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई ट्रकिंग नीति से भारतीय ट्रक ड्राइवरों पर तलवार लटक गई है। ट्रंप ने अवैध प्रवासी ट्रक ड्राइवरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का एलान किया है। ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार ऐसे ड्राइवरों की जगह अमेरिकी पूर्व सैनिकों को ट्रकिंग सेक्टर में लाएगी। लिहाजा अमेरिका के इस एक कदम से १.३ से १.५ लाख भारतीय मूल के ड्राइवरों का रोजगार छिन सकता है। पेनसिल्वेनिया के एक स्टेट ट्रूपर की मौत से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना में भारी वाहन चला चुके सैनिकों को अब ऑटोमैटिक कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस दिया जाएगा।
ट्रंप के फैसले से पंजाबी समुदाय पर पड़ सकता है असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अवैध प्रवासी अमेरिकी सड़कों पर ट्रक चला रहे हैं और उनकी जगह अब अमेरिकी पूर्व सैनिकों को मौका मिलेगा। इस पैâसले का असर भारतीय मूल, खासकर पंजाबी समुदाय पर भी पड़ सकता है। अनुमान है कि अमेरिका के ट्रकिंग उद्योग में करीब १.३ लाख से १.५ लाख भारतीय मूल के ड्राइवर, जिनमें अधिकांश पंजाब और हरियाणा से जुड़े पंजाबी सिख काम करते हैं। ट्रंप प्रशासन पहले ही अंग्रेजी दक्षता की अनिवार्यता, कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस के कड़े नियम और गैर-अधिकृत ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई को तेज कर चुका है। इससे कई ड्राइवरों के लाइसेंस रद्द होने और नौकरी जाने का खतरा बढ़ गया है। अगर यह सख्ती जारी रही तो इसका असर पंजाब के उन हजारों परिवारों पर भी पड़ सकता है, जिनकी आय का बड़ा हिस्सा अमेरिका में काम कर रहे परिजनों द्वारा भेजी जानेवाली रेमिटेंस पर निर्भर है।
