-सोनम वांगचुक पर डॉक्टरों का बड़ा अलर्ट
-डॉक्टर ने दी मल्टी ऑर्गन फेल होने की चेतावनी
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले १९ दिनों से आमरण अनशन (भूख हड़ताल) पर हैं। अनशन के कारण उनका वजन ९ किलो से अधिक घट चुका है और उन्हें मांसपेशियों में कमजोरी तथा भारी दर्द का सामना करना पड़ रहा है। सोनम वांगचुक की हालत नाजुक हो गई है। बता दें कि हर गुजरते दिन के साथ उनकी मौत का खतरा भी बढ़ रहा है। उधर, डॉक्टरों ने अलर्ट करते हुए मल्टी ऑर्गन फेल्योर की चेतावनी दे दी है। वहीं उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार को उनके स्वास्थ्य की दैनिक निगरानी करने और आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है।
पीएम मोदी को अमेरिका के ‘द हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’ का खुला खत
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सोनम वांगचुक का दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर अनशन कई दिनों से जारी है। गुरुवार को अनशन का १९वां दिन हैं और उनकी हालत दिन पर दिन खराब होती जा रही है। सोनम से देशभर से अनशन तोड़ने की अपील की जा रही है। इस बीच, अमेरिका से पीएम मोदी से अपील की गई है कि सरकार सोनम से बातचीत करके उनका अनशन तुड़वाए। अमेरिका के एक इंडियन डायस्पोरा ग्रुप- द हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स ने लेटर लिखकर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है।
द हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा में गड़बड़ियों, एजुकेशनल गवर्नेंस, इंस्टीट्यूशनल अकाउंटेबिलिटी और पब्लिक सिस्टम के फेल होने पर स्टूडेंट्स को होनेवाले नतीजों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। ग्रुप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक ओपन लेटर में कहा, ‘सरकार को प्रदर्शनकारियों से मिलना चाहिए, उन्होंने जो एग्जाम और गवर्नेंस की कमियां बताई हैं, उन पर ठोस जवाब देना चाहिए और जवाबदेही के लिए एक भरोसेमंद, टाइम-बाउंड प्रोसेस बनाना चाहिए।’
वांगचुक और स्टूडेंट्स से अपील
ग्रुप ने वांगचुक और अनशन कर रहे स्टूडेंट्स से अपनी हेल्थ और जान को प्रायोरिटी देने की भी अपील की। ग्रुप ने कहा, ‘उनकी चिंताओं को पूरे भारत और दुनियाभर के लोगों ने सुना है। उन्हें अपनी मांगों की गंभीरता दिखाने के लिए अपनी हेल्थ का बलिदान नहीं देना चाहिए।’ ग्रुप ने सरकार से अनशन कर रहे प्रदर्शनकारियों से मिलने के लिए एक ऑथराइज्ड रिप्रेजेंटेटिव भेजने, सही मेडिकल केयर तक बिना रोक-टोक पहुंच पक्का करने और स्टूडेंट्स के लगाए आरोपों पर एक ट्रांसपेरेंट पब्लिक जवाब देने की भी अपील की। ग्रुप ने सरकार से यह भी कहा कि वह परीक्षा और भर्ती में गड़बड़ियों को दूर करने के लिए एक साफ प्रोसेस बनाए और बिना किसी परेशानी या रुकावट के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की रक्षा करे।
१९वें दिन भी सरकार ने नहीं ली सोनम की सुध!
वांगचुक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर २८ जून से धरने पर बैठे हैं। गिरते स्वास्थ्य के बावजूद, वे अपनी मांगें पूरी होने तक अनशन खत्म करने से इनकार कर रहे हैं। इस बीच समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और नरोत्तम पटेल जंतर-मंतर पहुंचे और वांगचुक से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। सपा प्रतिनिधिमंडल ने नीट अभ्यर्थियों की मांगों और वांगचुक के आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की।
हाई कोर्ट ने केंद्र को चेताया
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय ने चिंता जताई है। अदालत ने केंद्र और दिल्ली सरकार के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वांगचुक के स्वास्थ्य की प्रतिदिन जांच की जाए और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।
