मुख्यपृष्ठनए समाचारनरक बना नैनी का काजीपुर : घुटनों तक बहा नगर निगम का 'विकास'

नरक बना नैनी का काजीपुर : घुटनों तक बहा नगर निगम का ‘विकास’

राजेश सरकार / प्रयागराज

नगर निगम के अधिकारियों और कागजी दावों की पोल खोलते हुए घनी आबादी वाले नैनी क्षेत्र का काजीपुर मोहल्ला भारी बारिश के चलते टापू में तब्दील हो चुका है। नैनी कोतवाली और उसके ठीक पीछे की पूरी बस्ती इस समय जलमग्न है। आलम यह है कि सड़कों का नामोनिशान मिट चुका है और लोगों के ड्राइंग रूम से लेकर बेडरूम तक सीवर का बदबूदार पानी हिलोरें मार रहा है। स्थानीय पार्षद और नैनी जोन के आला अधिकारी इस तबाही पर अपनी आंखें मूंदकर एयर कंडीशनर कमरों में आराम फरमा रहे हैं, जबकि जनता नरकीय जीवन जीने को मजबूर है।
खोखला ड्रेनेज सिस्टम: जनता की गाढ़ी कमाई पानी में बही
लाखों-करोड़ों रुपए के बजट से चमकाया गया नैनी का ड्रेनेज सिस्टम बारिश में पूरी तरह खोखला साबित हुआ है। सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी करने वाले नगर निगम ने मानसून से पहले नालों की सफाई का जो ढिंढोरा पीटा था, उसकी असलियत अब घुटनों तक लगे गंदे पानी के रूप में सामने आ चुकी है। सीवेज और ड्रेनेज का तालमेल इस कदर ध्वस्त है कि बारिश रुकने के घंटों बाद भी पानी की निकासी नहीं हो पा रही है।
व्यापार चौपट, ‘आस्था इंटरप्राइजेज’ को छह लाख की चपत
इस जलभराव ने केवल आम जनता का जीना ही मुहाल नहीं किया, बल्कि स्थानीय व्यापारियों की रीढ़ भी तोड़ दी है। काजीपुर बस्ती में स्थित कई दुकानें, फ्रिज एवं एसी के ऑथराइज्ड रिपेयरिंग सर्विस सेंटर पूरी तरह पानी में डूब गए हैं।
भारी नुकसान: सर्विस सेंटर चलाने वाले ‘आस्था इंटरप्राइजेज’ के अभिषेक पाठक को इस लापरवाही की सबसे भारी कीमत चुकानी पड़ी है। दुकान और वर्कशॉप में घुटनों तक पानी घुसने से लाखों रुपये की कीमत के कीमती पुर्जे, कंप्रेसर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं।
– दर्द किया बयां : पीड़ित अभिषेक ने बताया कि नगर निगम की भयंकर लापरवाही और ध्वस्त सीवेज सिस्टम के कारण उन्हें सीधे तौर पर लगभग छह लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। इस मंदी के दौर में इस भारी नुकसान की भरपाई करना उनके और उनके परिवार के लिए असंभव सा हो गया है, जिससे पूरा परिवार गहरे मानसिक तनाव और चिंता में है।
पार्षद लापता, जनता में भारी आक्रोश
अभिषेक पाठक अकेले इस आपदा के शिकार नहीं हैं। उनके आसपास की दुकानें जलभराव की चपेट में हैं, जिससे छोटे व्यापारियों की पूंजी डूब गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि चुनाव के समय हाथ जोड़कर वोट मांगने वाले पार्षद और नगर निगम नैनी जोन के जिम्मेदार अधिकारी आपदा के इस समय में पूरी तरह लापता हैं। फोन मिलाने पर या तो नंबर बंद आते हैं या फिर ‘आश्वासन’ का पुराना टेप बजा दिया जाता है। जनता अब इस निकम्मेपन के खिलाफ सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रही है।

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