– इलाहाबाद कोर्ट में दर्ज हुआ भाजपा नेता सुशील मिश्रा का बयान…25 अगस्त को अगली सुनवाई
राजेश सरकार / प्रयागराज
सांसद पप्पू यादव द्वारा संतों और पुजारियों का छद्म भेष धारण कर हिंदू धर्म, सनातन संस्कृति और संत समाज को अपमानित करने के मामले में कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। जनपद न्यायालय इलाहाबाद के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (कक्ष संख्या 10) की अदालत में आज इस घृणित साजिश के खिलाफ तीखी सुनवाई हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने दोपहर 12:30 बजे का समय पहले से ही मुकर्रर कर रखा था। सुनवाई के दौरान वादी मुकदमा, भाजपा नेता और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्रा अदालत में पेश हुए। उन्होंने पप्पू यादव द्वारा साजिश के तहत संसद भवन के सामने सनातन धर्म को आइना दिखाने के लिए किए गए चढावा चोरी के विरुद्ध प्रदर्शन को साजिश बताते हुए पूरा कच्चा चिट्ठा अदालत के सामने रखा। सुशील मिश्रा ने कोर्ट में अपना विस्तृत बयान दर्ज कराया और पप्पू यादव के इस कृत्य को साबित करने वाले अकाट्य और पुख्ता साक्ष्य भी न्यायालय के समक्ष पेश किए।
पप्पू यादव के वकील गैरहाजिर!
एक तरफ जहां सनातन धर्म के अपमान के खिलाफ वादी पक्ष पूरी ताकत और सबूतों के साथ अदालत में डटा रहा, वहीं दूसरी तरफ सांसद पप्पू यादव के खेमे में हड़कंप देखने को मिला। इस गंभीर आपराधिक मुकदमे में पप्पू यादव की तरफ से पैरवी करने के लिए कोई भी अधिवक्ता अदालत में हाजिर नहीं हुआ। बचाव पक्ष की यह गैरमौजूदगी खुद कई सवाल खड़े कर रही है।
25 अगस्त अगली तारीख
वादी के बयान और साक्ष्यों को रिकॉर्ड पर लेने के बाद न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तारीख मुकर्रर की है।
