मुख्यपृष्ठसमाचारफिर छाया आसमानी संकट!

फिर छाया आसमानी संकट!

-नागपुर, गोंदिया और भंडारा जिले में ऑरेंज अलर्ट…किसानों की बढ़ी चिंता

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र पर एक बार फिर से आसमानी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि तीन दिनों के बीच नागपुर के साथ ही गोंदिया और भंडारा में आंधी-तूफान के साथ बैमौसम बारिश हो सकती है। ऐसे में प्रदेश के किसानों के चेहरे पर फिर से संकट की लकीर दिखाई देने लगे हैं। उन्हें डर सताने लगा है कि कहीं इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आकर उनकी फसल ही बर्बाद न हो जाए।
उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग ने विदर्भ में १९ मार्च तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विदर्भ के अलावा मराठवाड़ा में भी १९ मार्च को आंधी के साथ बारिश होने का अनुमान लगाया गया है। फिलहाल, नांदेड़ जिले के नायगांव इलाके में तूफानी हवाओं के साथ आधे घंटे तक ओलावृष्टि हुई। मांजरम-बेंदरी महामार्ग स्थित कई जगहों पर पेड़ गिरने से यातायात अवरुद्ध हो गया। साथ ही बिजली के तार टूटने से मांजरम गांव की बिजली खंडित हो गई। नायगांव शहर में सड़कों पर पानी भर गया। इसके साथ ही किनवट, मुदखेड, भोकर और हिमायतनगर तालुका में तूफानी हवाओं के साथ बेमौसम बारिश हुई।
मुआवजे की मांग कर रहे किसान
बेमौसम बारिश के कारण ज्वार, गेहूं, ग्रीष्मकालीन उड़द, अरहर जैसी कटी हुई फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इससे किसान एक बार फिर मुसीबत में हैं और किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
दो माह में तीन बार ओलावृष्टि
इससे पहले ११ फरवरी को चार तालुकाओं भोकर, धर्माबाद, उमरी, हिमायतनगर में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि हुई थी। चार तालुकाओं की १७,२२९ हेक्टेयर कृषि, बागवानी और फलों की फसलें क्षतिग्रस्त हो गर्इं। २५ और २६ फरवरी को मुखेड़ और कंधार में बेमौसम बारिश के कारण ६४ गांवों के २१,८७५ किसान प्रभावित हुए, जबकि २८ गांवों के ५,०४२ किसानों की २,३२९ हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई।
राज्य में कई जिलों में पारा ४० पार
प्रदेश का मौसम एक बार फिर बदल गया है। राज्य के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी का एहसास होने लगा है, वहीं कुछ हिस्सों में फिर से बेमौसम बारिश की संभावना जताई गई है। एक तरफ राज्य के कुछ जिलों में पारा ३५ से ४० तक पहुंच गया है, वहीं मौसम विभाग ने विदर्भ के कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है।

अन्य समाचार

अब तक