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छोरा गंगा किनारेवाला

इंसान दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न रहे अपनी जन्मभूमि अपनी ही होती है। उससे इंसान को विशेष लगाव होता है और ये बात सदी के महानायक अमिताभ बच्चन पर एकदम फिट बैठती है। २२ जनवरी को भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के मात्र १७ दिनों बाद अमिताभ बच्चन दोबारा रामलला के दर्शन और पूजन करने के लिए उनके दरबार में हाजिर हुए। भगवान राम का भक्तिभाव से दर्शन और पूजन कर ‘जय श्री राम’ के नारे लगानेवाले अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में अपना आशियाना बनाने के लिए जमीन खरीदी है। अब तो अयोध्या आना-जाना लगा ही रहेगा कहनेवाले अमिताभ बच्चन ने बीते दिनों की बातों को याद करते हुए कहा, ‘जब मैं कहीं जाता हूं तो लोग कहते हैं आप मुंबई रहते हैं, यहां आना-जाना नहीं होगा। कैसे आपके साथ ताल्लुक बढ़ाया जाएगा, तो बाबूजी (हरिवंशराय बच्चन) ने एक बात कही थी वह कहावत भी अवधी में है। हमारी पैदाइश इलाहाबाद की है, हम दिल्ली रहें कोलकाता रहें, मुंबई रहें, आपका ताल्लुक है उत्तर प्रदेश से।’ बाबूजी कहते थे एक कहावत है अवधी में, ‘हाथी घूमे गांव-गांव, जेके हाथी वही वैâ नाव’, यह सच है कि हम इलाहाबाद में रहें, कोलकाता में रहें, दिल्ली में रहें, मुंबई में रहें लेकिन जहां कहीं भी रहें कहलाए गए छोरा गंगा किनारे वाला। खैर, एक चार्टर्ड विमान द्वारा अयोध्या हवाई अड्डे पर पहुंचनेवाले अमिताभ बच्चन की सादगी ने सभी का दिल जीत लिया।

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