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समुचित व्यवस्था न होने के कारण … ई-बसों को चलाने की योजना हुई फेल!

उल्हासनगर मनपा की हुई किरकिरी 
नागरिकों ने घाती सरकार पर उठाए सवाल
अनिल मिश्रा / उल्हासनगर
उल्हासनगर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के उद्देश्य से मनपा प्रशासन की तरफ से पांच ई-बसों का कुछ  दिन पहले धूमधाम से उद्घाटन किया गया था। लेकिन चार्जिंग की समुचित व्यवस्था न होने के कारण ई-बसों को चलाने की योजना दूसरे दिन ही फेल हो गई। उल्हासनगर के लोग इस बस की सवारी करने के लिए काफी आतुर थे, लेकिन ये बसें डिपो से बाहर निकली ही नहीं। बता दें कि इन ई-बसों का उद्घाटन ईडी सरकार के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र डॉक्टर श्रीकांत शिंदे ने बड़े ही तामझाम से किया था। बसों का सड़क पर दिखाई नहीं देने से लोगों को यह कहते सुना जा रहा है कि कहीं यह सब आने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक घोषणा तो नहीं की गई थी?
चार्जिंग की व्यवस्था नहीं
उल्हासनगर शहर में लंबे समय से परिवहन समिति द्वारा बस चलाए जाने की बात की जा रही है। विभाग द्वारा बार-बार टेंडर भी निकाला गया। काफी प्रयास के बाद पुणे की ईका कंपनी ने टेंडर भरे। जिसके बाद २० ई-बसों को शुरू करने की तैयारी की गई। लेकिन २० में से केवल ५ ई-बसों का ही उद्घाटन किया गया। इस बारे में डिपो मैनेजर शशिकांत बडनेरे ने बताया कि ई-बस की चार्जिंग की व्यवस्था नहीं हो सकी थी।
उल्हासनगर मनपा मुख्यालय के समीप छोटे वाहनों की चार्जिंग सेंटर पर चार्जिंग के लिए बसों को ले जाया गया। लेकिन चार्जिंग का लोड अधिक होने के कारण बिजली बंद हो गई।

समस्या को दूर करने का आश्वासन 
मनपा के वाहन विभाग के प्रमुख विनोद केने ने बताया कि शहाड के अजमेरा प्रॉजेक्ट के अंदर के डिपो में जल्द ही चार्जिंग की व्यवस्था की जाएगी। अस्थाई तौर पर ५० केवी की मशीन के माध्यम से चार्जिंग कर बस को चलाया जाएगा। जल्द ही दस सामान्य तथा दस वातानुकूलित बसें चलाई जाएंगीं साथ ही भविष्य में और भी १२० ई-बसें चलाने का इरादा है।

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