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येरवडा खुले जेल में अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए वित्तीय मार्गदर्शन शिविर एसआईपी पेंशन और निवेश पर दिया विशेष प्रशिक्षण

सामना संवाददाता/ मुंबई

कारागृह अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों का भविष्य आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए येरवडा खुले जिला कारागृह में “वित्तीय साक्षरता मार्गदर्शन शिविर” का सफल आयोजन किया गया।महाराष्ट्र राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. सुहास वारके, विशेष कारागृह महानिरीक्षक योगेश देसाई और पुणे विभाग के कारागृह उपमहानिरीक्षक सुनील ढमाळ के विशेष मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
इस मौके पर शिविर में प्रसिद्ध निवेश सलाहकार और फाइनेंशियल डॉक्टर कुंदन निकम सर और प्रमोद ढोणे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे।कुंदन निकम सर ने बच्चों की उच्च शिक्षा और शादी के लिए समय पर निवेश कैसे करें, इसका गणित बताया।सेवानिवृत्ति के बाद जीवन स्वावलंबी और सुरक्षित रखने के लिए पेंशन के विकल्प समझाए। इमरजेंसी के लिए फंड कैसे तैयार करें और अपना घर कैसे बनाएं। प्रमोद ढोणे ने एसआईपी बनाम एलआईसी बनाम म्यूचुअल फंड की विस्तृत तुलना की। उन्होंने बताया कि म्यूचुअल फंड और एसआईपी के जरिए छोटी रकम से शुरुआत करके भविष्य में बड़ा फंड कैसे बनाया जा सकता है। चक्रवृद्धि ब्याज की ताकत को उन्होंने गणित के साथ समझाया और कहा कि दीर्घकालिक निवेश से पुलिस कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद बड़ा लाभ होगा। उन्होंने बीमा और निवेश में अंतर स्पष्ट करते हुए कर-मुक्त और अधिक रिटर्न देने वाले विकल्प चुनने की सलाह दी। बाजार के उतार-चढ़ाव से न डरकर अनुशासित निवेश करने पर जोर दिया।कार्यक्रम में कारागृह अधीक्षक शामकांत शेडगे ,महाराज जाधव, वरिष्ठ तुरुंग अधिकारी नागेश कांबले, नीलम निकम, कविता शिंदे सहित अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में शिक्षाबंदी मौजूद थे।”आइए, आर्थिक रूप से मजबूत बनें और परिवार का भविष्य सुरक्षित करें” इस संदेश के साथ शिविर का समापन हुआ। सभी ने अपना आर्थिक ‘एक्शन प्लान’ बनाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ तुरुंग अधिकारी नागेश कांबळे, नागनाथ भानवसे, निता उके, गोविंद गावडे, सुनील गायकवाड सहित सभी कर्मचारियों ने मेहनत की।

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