मुख्यपृष्ठराशि-भविष्यजीवन दर्पण : पंचाक्षर मंत्र का जाप करने से शिक्षा होगी बेहतर!

जीवन दर्पण : पंचाक्षर मंत्र का जाप करने से शिक्षा होगी बेहतर!

 डॉ. बालकृष्ण मिश्र

गुरुजी, मेरी आमदनी बहुत कम है। आमदनी बढ़ाने का कोई उपाय बताएं?
विनोद दत्त
(जन्म- २१ मार्च १९७९, समय- रात्रि ३.०० बजे, स्थान- मुंबई)
विनोद जी, आपकी कुंडली को अगर हम देखें तो आपका जन्म बुधवार के दिन ज्येष्ठा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में हुआ है और आपकी राशि वृश्चिक बन रही है। वृश्चिक राशि पर शनि की ढैया प्रारंभ होने के कारण शनि आपके करियर को प्रभावित कर रहा है। अगर आप अपनी आमदनी बढ़ाना चाहते हैं तो ४३ दिनों तक पीपल के पेड़ की परिक्रमा कम से कम ७ मिनट तक करें। परिक्रमा करते वक्त ‘ॐ पिप्पलाश्रय संस्थिताय नम:’ मंत्र का जाप करें। जीवन को विस्तारपूर्वक जानने के लिए आपको संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाना चाहिए।

गुरुजी, मेरी राशि कौन सी है और शिक्षा कैसी होगी?
– प्रांजल पांडे
(जन्म- ८ मार्च २०१४, समय- रात्रि १०.४०, स्थान- प्रयागराज, उत्तर प्रदेश)
प्रांजल जी, आपका जन्म शनिवार के दिन मृगशिरा नक्षत्र के प्रथम चरण में हुआ है और आपकी राशि वृषभ बन रही है। यदि लग्न के आधार पर हम बात करें तो तुला लग्न में आपका जन्म हुआ है और लग्न में ही मंगल, शनि और राहु बैठ करके आपकी कुंडली को मांगलिक बनाया हुआ है। वृषभ राशि पर चंद्रमा उच्च राशि का होने के कारण अष्टम भाव पर बैठ करके चंद्रमा आपके मन को एकाग्र नहीं होने देता है। इसलिए प्रतिदिन ५ मिनट तक पंचाक्षर मंत्र का आपको मनन करना चाहिए। इससे आपका मन एकाग्र होने के साथ ही आपकी शिक्षा भी अच्छी होगी। अपने जीवन को विस्तारपूर्वक जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।

गुरुजी, मेरी राशि क्या है और मेरा स्वास्थ्य वैâसा रहेगा?
– आरोही निशांत पांडे
(जन्म- २५ जुलाई २०१८, समय- सायंकाल ७.४६ स्थान- हंडिया, इलाहाबाद)
आरोही जी, आपका जन्म बुधवार के दिन पूर्वाषाढ़ नक्षत्र के प्रथम चरण में हुआ है और आपकी राशि धनु बन रही है। लग्न के आधार पर अगर हम बात करें तो मकर लग्न में आपका जन्म हुआ है और मकर लग्न का स्वामी शनि है। आपकी कुंडली में १२वें भाव पर शनि ग्रह के साथ में बैठा हुआ लग्न भाव का स्वामी यदि १२वें भाव में बैठता है तो स्वास्थ्य कभी-कभी ऊपर-नीचे होता रहता है। लेकिन लग्न में ही उच्च राशि का मंगल बैठा हुआ है, जिस कारण आपकी कुंडली मांगलिक है। अगर आपकी शिक्षा के बारे में हम बात करें तो शिक्षा स्थान का स्वामी शुक्र है और शुक्र आपकी कुंडली में अष्टम भाव पर बैठा है। लेकिन उच्च राशि का मंगल बैठ करके आपको बहुत पुरुषार्थी बनाएगा। आपके जन्म के बाद पिता पक्ष का किसी न किसी प्रकार से विकास भी हुआ होगा। जीवन को विस्तारपूर्वक जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।

गुरुजी, मेरी आर्थिक स्थिति कब सुधरेगी, बहुत परेशानी हो रही है, उपाय बताएं?
– शिवम सोनी
(जन्म- ९ सितंबर १९९७, समय- सायंकाल ४.०० बजे, स्थान- प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश)
शिवम जी, आपका जन्म मंगलवार के दिन अनुराधा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में हुआ है और आपकी राशि वृश्चिक बन रही है। वर्तमान समय में वृश्चिक राशि पर शनि की ढैया का प्रभाव चल रहा है। अगर लग्न के आधार पर हम आपकी कुंडली की बात करें तो मकर लग्न में आपका जन्म हुआ है। मकर लग्न में ही मंगल देव गुरु बृहस्पति नीच राशि का हो करके बैठा हुआ है। यह आपके मनोबल को कमजोर बना देता है। लेकिन बृहस्पति की दृष्टि बहुत अच्छी है और आपकी राशि का स्वामी मंगल दशम भाव पर बैठ करके कुलदीपक नामक योग बनाया हुआ है। शनि की ढैया का उपाय करने से निश्चित ही धीरे-धीरे आपकी आर्थिक स्थिति का विकास होता रहेगा।

गुरुजी, जीवन अस्त-व्यस्त चल रहा है, स्थिरता कैसे आएगी, उपाय बताएं?
– संजय कुमार मिश्रा
(जन्म- १ अक्टूबर १९८५, समय- रात्रि में ४.०० बजे स्थान- प्रयागराज, उत्तर प्रदेश)
संजय जी, आपका जन्म मंगलवार के दिन अश्विनी नक्षत्र के द्वितीय चरण में हुआ है। आपकी राशि मेष बन रही है। अश्विनी नक्षत्र को गंडमूल नक्षत्र कहा जाता है। जन्म के बाद ही इसकी पूजा की जाती है अगर आपने इस पूजा को किया है तो ठीक है, नहीं तो आपकी इसकी पूजा करनी होगी। आपकी राशि मेष बन रही है और मेष राशि पर ही चंद्रमा के साथ राहु बैठ करके ग्रहण योग बनाया हुआ है। आपकी कुंडली में भाग्य ग्रहण दोष भी बना हुआ है तथा कालसर्प योग बना हुआ है। भाग्य ग्रहण दोष की पूजा करवाएं। जीवन को विस्तारपूर्वक जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।

ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर आपको देंगे सलाह। बताएंगे परेशानियों का हल और आसान उपाय। अपने प्रश्नों का ज्योतिषीय उत्तर जानने के लिए आपका अपना नाम, जन्म तारीख, जन्म समय, जन्म स्थान मोबाइल नं. ९२२२०४१००१ पर एसएमएस करें। उत्तर पढ़ें हर रविवार…!

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