मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनासंपादक के नाम पत्र : कब मिलेगी गड्ढों से मुक्ति

संपादक के नाम पत्र : कब मिलेगी गड्ढों से मुक्ति

उल्हासनगर को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का दावा था कि सबसे अधिक फंड विकास के नाम पर दिया गया है और कई योजनाएं शुरू की गई हैं। तमाम दावों के बावजूद आज उल्हासनगर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और पूरे शहर में हर तरफ गड्ढे ही गड्ढे नजर आते हैं। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों से जहां आम नागरिक परेशान हैं, वहीं सड़क पर गाड़ियां चलानेवाले वाहन चालक इन गड्ढों की वजह से हलाकान हो रहे हैं। उल्हासनगर शहर में जहां एक तरफ पानी, बिजली, सफाई और शौचालयों का अभाव है, वहीं दूसरी तरफ कीचड़ के साथ ही सड़क पर गड्ढों की भरमार है। उल्हासनगर में पानी पीने की टूटी पाइप लाइन से अधिकांश पानी गटरों में बह जा रहा है। विकास के दावों की पोल खोलती उल्हासनगर की सड़कों को देखने के बाद लगता है कि शहर की अधिकांश सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं, बल्कि गड्ढायुक्त हैं। शहर की सड़कों पर बने गड्ढों को देखकर नागरिक बस यही कह रहे हैं कि उन्हें इन गड्ढों से कब मुक्ति मिलेगी।
– गजानन चवरिया, उल्हासनगर

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