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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने क्षेत्र में बने फ्लाईओवर के उद्घाटन में राज्यसभा सांसद, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. राधामोहन अग्रवाल को नहीं बुलाए?

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

दावा किया जाता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश के सर्वाधिक लोकप्रिय और सामर्थ्यवान मुख्यमंत्रियों में हैं। विधानसभा चुनाव सिर पर है, लेकिन गोरखपुर में भाजपाइयों के बीच छिड़ा घमासान थमता नहीं दिखाई दे रहा है।
हर तरफ यही चर्चा है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी योगी आदित्यनाथ अपने गृह जिले में राजनीतिक शिष्टाचार का पालन नहीं करते या फिर जानबूझकर अफसर उन्हें बदनाम करने का षड्यंत्र करते हैं।
हुआ यूं कि मुख्यमंत्री द्वारा गोरखपुर में पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर (पुल) के लोकार्पण कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल को औपचारिक आमंत्रण नहीं मिला। इस कारण वह फ्लाईओवर के उद्घाटन कार्यक्रम में नहीं गए।
कार्यक्रम के बाद डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर स्पष्ट किया कि वे अपने ही घर के सामने के इस उद्घाटन समारोह में इच्छा होने के बावजूद निमंत्रण न मिलने के कारण शामिल नहीं हो सके।
अपने अधिकृत फेसबुक अकाउंट पर डॉ. अग्रवाल ने लिखा, “मुख्यमंत्री जी को बहुत-बहुत धन्यवाद। हमारे घर के सामने के फ्लाईओवर का उद्घाटन हुआ। मन में इच्छा तो बहुत थी कि कार्यक्रम में रहूं, लेकिन बुलाया नहीं गया, इसलिए अनुपस्थित रहा। दाउदपुर, गोपालापुर, बेतियाहाता और रुस्तमपुर के सभी नागरिकों को बहुत-बहुत बधाई।”
इस संदर्भ में जब जिलाधिकारी गोरखपुर से बात करने की कोशिश की गई तो हर बार मोबाइल उठाने वाले ने यही कहा कि आप कौन बोल रहे हैं, अभी बैठेंगे तो बात कराएंगे। डीएम की उपलब्धता न होने की स्थिति में उन्होंने एडीएम सिटी एंड प्रोटोकॉल का मोबाइल नंबर दिया, जिस पर जितनी बार रिंग गई, हर बार कॉल काट दी गई।
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर की जिस नगर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं, उससे पहले डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल उसी सीट से लगातार चार बार विधायक निर्वाचित हुए थे। पार्टी के निर्देश पर उन्होंने यह सीट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए छोड़ी थी।
चूंकि पूरे क्षेत्र में बिना सुरक्षा पैदल, बाइक और अपनी चिर-परिचित मारुति की सामान्य गाड़ी से वह सभासद की तरह क्षेत्र की जनता के बीच उपलब्ध रहे हैं। अमूमन किसी भी मोहल्ले की सड़क के निर्माण के समय वह पूरे मोहल्ले के लोगों से कहते थे कि यह आपकी सड़क बन रही है, इसका निर्माण आपकी देखरेख में होना है। इसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी भी आपकी है। अपने निधि से बनी सड़कों को वह ‘पचास साला सड़क’ कहा करते थे।
लोगों में आम चर्चा रही है कि उनके रहते उनके क्षेत्र में बिना कमीशन के उच्च गुणवत्ता वाली सड़कें बनती रहीं। विकास को लेकर सड़क से लेकर सदन तक लड़ने के लिए डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल की पहचान रही है। उनकी जुझारू छवि के कारण विपक्ष की सरकारों में भी उनके क्षेत्र के विकास में कोई कटौती नहीं हो पाती थी।
आज के कार्यक्रम में न बुलाए जाने के बाद उन्होंने अपनी बात गोरखपुर की जनता तक पहुंचाने के लिए फेसबुक का सहारा लिया।
अफसर मुख्यमंत्री को कुछ भी समझा सकते हैं, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे अच्छा नहीं माना जा रहा है। कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव भी हैं।

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