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बाल गंगाधर तिलक एवं चंद्रशेखर आजाद की जीवनी से सीख लेने की जरूरत : कांग्रेस

अनिल मिश्र / पटना

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धाओं बाल गंगाधर तिलक एवं चंद्रशेखर आजाद की जयंती गया के स्थानीय अनुग्रह नारायण रोड स्थित दुबे आश्रम में कांग्रेस पार्टी के तत्वावधान में मनाई गई। सर्वप्रथम बाल गंगाधर तिलक एवं चंद्रशेखर आजाद के चित्रों पर माल्यार्पण किया गया। इसके पश्चात दोनों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला गया।
इस कार्यक्रम में उपस्थित बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, इंटक महासचिव टिंकू गिरी, प्रद्युम्न दुबे, मिथिलेश सिंह, पप्पू दुःखहरणी, अशोक राम, कृष्ण मोहन शर्मा, शिव कुमार चौरसिया आदि ने कहा कि प्रकृति का गजब संयोग है कि आज ही के दिन 170 साल पहले वर्ष 1856 में बाल गंगाधर तिलक तथा 120 साल पहले वर्ष 1906 में चंद्रशेखर आजाद का जन्म हुआ था।
इस दौरान नेताओं ने कहा कि बाल गंगाधर तिलक का यह नारा, “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा”, तथा क्रांतिवीर चंद्रशेखर आजाद का संकल्प, “आजाद थे, आजाद हैं और आजाद रहेंगे”, आज भी देश के युवाओं के दिल और दिमाग में जोश भर देता है।
नेताओं ने कहा कि बाल गंगाधर तिलक एवं चंद्रशेखर आजाद देश की आजादी के दो ऐसे वीर सपूत हैं, जिनकी प्रासंगिकता और आवश्यकता आज भी बनी हुई है। उनके आदर्शों को अपनाकर देश से भ्रष्टाचार, घोटालों और तानाशाही जैसी बुराइयों को समाप्त किया जा सकता है।

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