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पेपर लीक और बेरोजगारी पर फूटा छात्रों का ‘महा-आक्रोश’, दमनकारी सत्ता के खिलाफ प्रयागराज में हुंकार!

-‘पत्थर गिरजाघर’ धरना स्थल पर छात्र संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर बरसे आंदोलनकारी
-‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’, इंकलाबी नौजवान सभा, ऐक्टू और भाकपा-माले ने घेरा; जवाबदेही से भाग रही सरकार

राजेश सरकार / प्रयागराज

पेपर लीक की महा-बीमारी, भर्ती परीक्षाओं में भयंकर अनियमितता और देश को दीमक की तरह चाट रही बेरोजगारी के खिलाफ देश के छात्र-नौजवानों का गुस्सा अब बेकाबू हो चुका है। दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन पर पुलिस के कथित बर्बर दमन के विरोध में गुरुवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भी संग्राम छिड़ गया। ‘पत्थर गिरजाघर’ स्थित नागरिक धरना स्थल पर विभिन्न वामपंथी और छात्र संगठनों ने इकट्ठा होकर मोदी सरकार और पुलिसिया तानाशाही के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। आंदोलनकारियों ने सीधे आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है और जब छात्र अपने हक के लिए आवाज उठाते हैं, तो उनकी आवाज को लाठियों के दम पर दबा दिया जाता है।
-भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक से युवाओं में भारी गुस्सा
धरना स्थल पर मौजूद ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, इंकलाबी नौजवान सभा, ऐक्टू और भाकपा-माले के नेताओं ने सरकार को आड़े हाथों लिया। छात्र नेताओं ने कहा कि देश का युवा आज सड़कों पर धक्के खाने को मजबूर है। हर दूसरी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है। परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली और अनियमितता हो रही है, जिससे सालों-साल तैयारी करने वाले छात्रों का भविष्य अंधकार में डूब गया है। लेकिन सबसे शर्मनाक बात यह है कि सरकार इन गंभीर सवालों पर अपनी कोई जवाबदेही लेने को कतई तैयार नहीं है।
-दिल्ली पुलिस और केंद्र की ‘जुल्मी जोड़ी’ बेनकाब!
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के गठजोड़ पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में शांतिपूर्ण तरीके से न्याय मांग रहे छात्रों पर जिस तरह जुल्म ढाए गए, उसने अंग्रेजों के शासन की याद दिला दी। दिल्ली पुलिस केंद्र के इशारे पर छात्रों की बुलंद आवाज को कुचलने की नाकाम साजिश रच रही है। प्रयागराज के छात्रों ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी कि सरकार चाहे दिल्ली की पुलिस को आगे करे या उत्तर प्रदेश की, युवाओं के इस इंकलाबी जज्बे को अब डराया नहीं जा सकता।
-आर-पार की लड़ाई का ऐलान
छात्र संगठनों ने हुंकार भरते हुए कहा कि आंदोलन को कुचलने की हर सरकारी कोशिश नाकाम साबित होगी। देश का छात्र-नौजवान अब जाग चुका है और वह अपने रोजगार, साफ-सुथरी परीक्षा प्रणाली और न्याय के अधिकार के लिए अंतिम सांस तक लड़ेगा। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पेपर लीक माफियाओं पर नकेल नहीं कसी गई, खाली पड़े पदों पर पारदर्शी भर्तियां नहीं निकाली गईं और छात्रों पर दमन बंद नहीं हुआ, तो यह आंदोलन पूरे देश के कोने-कोने में फैलेगा और सत्ता को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

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