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कॉलेज के लिए निकली ‘मानसी’ की लाश यमुना में उतराई: हत्या या आत्महत्या? सुलमई गांव की लाडली की मौत से करछना से कीडगंज तक सनसनी!

-16 जुलाई को कॉलेज के लिए घर से पैर बाहर निकाला, फिर लौटकर नहीं आई।
-मनकामेश्वर मंदिर के पास यमुना नदी में तैरता मिला शव।
-कपड़ों में छिपा था राज, 6 दिन तक बहन के घर होने के मुगालते में रहा परिवार, अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें।

राजेश सरकार / प्रयागराज

संगम नगरी का यमुनापार इलाका एक बार फिर चर्चा में है। करछना के सुलमई गांव से जो सस्पेंस 16 जुलाई को शुरू हुआ था, उसका खौफनाक और दिल दहला देने वाला अंत बुधवार, 22 जुलाई को यमुना की लहरों के बीच हुआ। 22 वर्षीय मानसी निषाद, जो अपने चार भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटी और सबकी लाडली थी, अब इस दुनिया में नहीं है। उसका शव शहर के पौराणिक महत्व वाले मनकामेश्वर मंदिर के पास यमुना नदी में उतराता हुआ मिला। इस सनसनीखेज घटना ने पुलिस महकमे से लेकर मृतका के परिवार तक को झकझोर कर रख दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इन छह दिनों के भीतर मानसी के साथ ऐसा क्या हुआ कि उसकी जिंदगी का सफर मौत पर जाकर थम गया।
कॉलेज जाने के लिए निकली मानसी अचानक लापता हो गई। इस घटना की शुरुआत 16 जुलाई से होती है। मानसी रोज की तरह कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी। किसे पता था कि घर की दहलीज पार करती उसकी यह आखिरी तस्वीर होगी। जब शाम तक वह घर नहीं लौटी, तो परिवार चिंतित तो हुआ, लेकिन उन्हें लगा कि मानसी शायद झूसी में रहने वाली अपनी बहन के घर चली गई होगी। इसी उम्मीद में पहले दिन पुलिस में गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई गई। यही वह मोड़ था, जहां मामला और रहस्यमय होता चला गया।
-मंदिर के पास मिला शव, आधार कार्ड से हुई पहचान
बुधवार को जब मनकामेश्वर मंदिर के पास यमुना की लहरों के बीच एक शव दिखाई दिया, तो कीडगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पानी में तैरता शव एक युवती का था। पुलिस ने जब शव को बाहर निकालकर कपड़ों की तलाशी ली, तो सस्पेंस से पर्दा उठा। कपड़ों के भीतर सुरक्षित मिले आधार कार्ड पर नाम मानसी निषाद, निवासी सुलमई, करछना, दर्ज था। पहचान होते ही करछना से लेकर कीडगंज थाने तक सूचना पहुंच गई।
-कपड़ों में मिला मोबाइल खोलेगा मौत का ‘क्राइम कोड’
कीडगंज पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के हाथ इस समय सबसे बड़ा सुराग मानसी का मोबाइल फोन लगा है, जो उसके कपड़ों से बरामद हुआ है। पुलिस अब मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अंतिम लोकेशन की जांच कर रही है। 16 जुलाई की दोपहर मानसी को किसका फोन आया था? वह कॉलेज पहुंची थी या रास्ते से ही लापता हो गई थी? इन सभी सवालों के जवाब अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल के डेटा की जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है।

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