मुख्यपृष्ठसमाचारओटीटी प्लेटफॉर्म्स ‘इरोटिक कंटेंट’ के नाम पर परोसते रहे पॉर्न!

ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ‘इरोटिक कंटेंट’ के नाम पर परोसते रहे पॉर्न!

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

भारत सरकार द्वारा १८ ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील कंटेंट दिखाने के चलते बैन लगा दिया गया है। सरकार के इस कदम के साथ ही एक बार फिर से ओटीटी पर स्ट्रीम किए जाने वाले कंटेंट को लेकर बहस छिड़ गई है। बहस इस बात पर है कि सरकार का ध्यान इस पर अब क्यों गया? जबकि इन ओटीटी प्लेटफॉर्म्स द्वारा इरोटिक कंटेंट के नाम पर पॉर्न परोसने का काम सालों से चल रहा है। केपीएमजी (क्लिनवेल्ड पीट मारविक गोएर्डेलर) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में २०१६ से २०२० के दौरान ओटीटी पर पॉर्नोग्राफिक यानी अश्लील कंटेंट १,२०० प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा। इस दौरान कई छोटे प्लेटफॉर्म्स ‘इरोटिक कंटेंट’ के नाम पर पॉर्न परोसते रहे और बेचते रहे।
बता दें कि २०२० के लॉकडाउन में जब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को बढ़ावा दिया गया, उसी दौरान अल्ट बालाजी, एमएक्स प्लेयर और उल्लू ऐप जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील कंटेंट की बाढ़ आ गई। न्यूज पोर्टल लेट्स ओटीटी की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई २०२० में एक एडल्ट कॉमेडी शो के लिए सर्वाधिक स्ट्रीमिंग (१.१ करोड़) एक दिन में ऑनलाइन ओटीटी प्लेटफॉर्म एमएक्स प्लेयर पर की गई।
एक वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में २०२४ तक तकरीबन ४५ करोड़ ओटीटी सब्सक्राइबर्स हैं। इस वक्त देश में कुल ५७ ओटीटी प्लेटफॉर्म्स हैं, जिनमें डिज्नी हॉटस्टार भारत का टॉप ओटीटी प्लेटफॉर्म है। इसका ४१ प्रतिशत मार्वेâट पर कब्जा है। हालांकि, इन ५७ ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के अलावा देश में कई छोटे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स भी मौजूद हैं। ये प्लेटफॉर्म्स क्या दिखाते हैं यह तभी सुर्खियों में आता है, जब इनसे जुड़ी कोई शिकायत दर्ज होती है।
१ करोड़ से ज्यादा डाउनलोड्स, ३२ लाख से ज्यादा फालोअर्स
हाल ही में जिन १८ ओटीटी ऐप्स को सरकार ने बैन किया है, उनमें से एक ऐप को १ करोड़ से ज्यादा डाउनलोड मिल चुके हैं। हालांकि, इसका नाम नहीं बताया गया, वहीं दो अन्य ऐप को गूगल प्ले स्टोर पर ५० लाख से ज्यादा डाउनलोड मिले हैं। इसके अलावा इन ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने दर्शकों को अपनी वेबसाइट्स और ऐप्स की तरफ अट्रैक्ट करने के लिए बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया का भी यूज किया। इन सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कुल मिलाकर ३२ लाख से अधिक यूजर्स हैं।
बच्चों और यूजर्स पर नकारात्मक असर
भोपाल के साइकेट्रिस्ट डॉ. प्रीतेश गौतम के अनुसार, वेब सीरीज और ओटीटी पर जिस तरह के अश्लील कंटेंट पेश किए जा रहे हैं, उससे बच्चों और यूजर्स पर नेगेटिव असर पड़ रहा है। ओटीटी के कंटेंट में वल्गरिटी, न्यूडिटी और ड्रग एब्यूज को इतना ग्लैमराइज किया जाता है कि बच्चों को लगता है कि बस यही जिंदगी है। इसे देखकर बच्चे इंपल्सिव होते जा रहे हैं, जो सोसाइटी के लिए नुकसानदेह है। बच्चों का सोशल सर्कल भी खत्म होता जा रहा है। ओटीटी पर जो कंटेंट पेश किया जाता है उसमें एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर, टीचर-स्टूडेंट अफेयर और यहां तक कि पैâमिली रिलेशनशिप तक को गलत तरीके से पेश किया जाता है। इन्हें देखने के बाद बच्चों के मन में इन्हें रियल वर्ल्ड में ट्राई करने की इच्छा बढ़ती है। साथ ही इन चीजों को नॉर्मलाइज करते हुए ओटीटी कहीं न कहीं सोशल मॉरल वैल्यू को भी डाउन कर रहा है।

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