मुख्यपृष्ठनए समाचारस्मार्ट सिटी के इंजीनियरों का 'अद्भुत' कारनामा

स्मार्ट सिटी के इंजीनियरों का ‘अद्भुत’ कारनामा

 -नाला बनने से पहले सड़क पर बहता था पानी, अब नाला बनने के बाद कॉलेज में तैर रहे छात्र!

राजेश सरकार / प्रयागराज

विकास की गंगा बहाने का दावा करने वाले प्रशासनिक हुक्मरानों ने प्रयागराज में एक और नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। चौधरी महादेव प्रसाद (सीएमपी) डिग्री कॉलेज के आसपास पिछले दो साल से रेंग रहे ‘इंजीनियरिंग के अजूबे’ यानी निर्माणाधीन नाले ने पूरे क्षेत्र को जलमग्न कर दिया है। जनता के टैक्स के 20 करोड़ रुपये पानी की तरह बहाकर नई सड़कें तो चमका दी गईं, लेकिन पहली ही भारी बारिश ने प्रशासन के इस ‘चमकीले विकास’ की कलई खोलकर रख दी है। आज वही सड़कें खुद पानी में डूबकर सिसकियां ले रही हैं।पढ़ाई की जगह छात्र सीख रहे ‘तैराकी’प्रशासनिक अदूरदर्शिता का सबसे तगड़ा झटका शिक्षा के मंदिर, सीएमपी डिग्री कॉलेज को लगा है। कॉलेज परिसर इस वक्त किसी तालाब या वीरान टापू जैसा नजर आ रहा है। छात्र क्लासरूम में कॉपी-किताब संभालने की जगह पैंट चढ़ाकर पानी से रास्ता खोजने को मजबूर हैं। शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हैं। ऐसा लगता है कि जिम्मेदार विभाग छात्रों को डिग्री के साथ-साथ ‘आपदा प्रबंधन और तैराकी’ का फ्री कोर्स करवाना चाहता है।
प्राकृतिक जल निकासी का ‘गला घोंटा’
स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि नाला और सड़क निर्माण के नाम पर केवल बजट ठिकाने लगाने का काम हुआ है। कागजी योजनाएं बनाने वाले एयरकंडीशंड कमरों में बैठे इंजीनियरों ने जमीनी हकीकत और प्राकृतिक जल निकासी के रास्तों को देखना भी गंवारा नहीं समझा। नतीजा यह है कि न्यू बस स्टैंड क्षेत्र, विद्या वाहिनी और कॉलेज परिसर अब जलभराव का नया ‘टूरिस्ट स्पॉट’ बन चुके हैं।
जांच की मांग, आक्रोश में जनता
दो साल से कछुआ गति से चल रहे इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता अब तीखे सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों, शिक्षकों और छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। जनता अब सीधे तौर पर इस ‘करोड़ों के खेल’ की तकनीकी जांच की मांग कर रही है। लोगों का कहना है कि अगर विकास का मतलब नई मुसीबतें पैदा करना है, तो ऐसा विकास प्रशासन अपने पास ही रखे।अगर कुंभकर्णी नींद में सोए संबंधित विभाग और जिला प्रशासन ने जल्द ही जल निकासी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की, तो आने वाले दिनों में हो रही लगातार बारिश इस पूरे इलाके को पूरी तरह डुबो देगी। देखना यह है कि हुक्मरानों की आंखें अब खुलती हैं या वे हमेशा की तरह ‘सब ठीक है’ का राग अलापते रहेंगे।

अन्य समाचार