सामना संवाददाता / मुंबई
मध्य रेलवे (मरे) में चेन पुलिंग के मामले बढ़ते जा रहे हैं, जिस वजह से ट्रेनें लेट पर लेट हो रही हैं। रेलवे के मुताबिक, यात्रियों द्वारा कई कारणों की वजह से चेन पुलिंग की जाती है, जिसमें गलती से चेन पुलिंग करना, मोबाइल फोन गिर जाना सहित अन्य अनावश्यक कारण शामिल हैं। इस वजह से रेलवे का टाइम टेबल बिगड़ जाता है।
रेलवे के अनुसार, ट्रेन में चेन पुलिंग की वजह से न केवल प्रभावित ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्रियों को तकलीफ होती है, बल्कि पीछे चल रहे ट्रेनों के यात्री भी देरी के कारण परेशान हो जाते हैं। एक जून २०२५ से लेकर २० जून २०२५ की अवधि के दौरान मध्य रेल पर १५० ट्रेनें चेन पुलिंग के कारण १०-१५ मिनट तक रुकी रहीं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान ९८ ट्रेनें रुकी थी। अर्थात चेन पुलिंग की घटनाओं में ५३ फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे कई अनुगामी ट्रेनों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। मुंबई मंडल में मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें और उपनगरीय ट्रेनें दोनों शामिल हैं, इसलिए इसका व्यापक प्रभाव पड़ा है, उपनगरीय ट्रेनें देरी से चलती हैं, जिससे स्टेशनों पर यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। वहीं एक जून २०२५ से १९ जून २०२५ के दौरान भुसावल मंडल पर २६ मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान १३ मामले दर्ज किए गए थे। नागपुर मंडल पर इसी अवधि में ५२ मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान २८ मामले दर्ज किए गए थे। इसी दौरान मुंबई मंडल पर ५७ मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान ४१ मामले दर्ज किए गए थे। एक जून से २० जून के दौरान मरे ने ६६६ चेन पुलिंग के मामले दर्ज किए हैं, जिसमें ४६३ यात्रियों पर मुकदमा चलाया गया और १.७० लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया।
रेलवे ने की यात्रियों से अपील
अनावश्यक परिस्थितियों में चेन पुलिंग का सहारा लेना रेलवे अधिनियम की धारा १४१ के तहत दंडनीय अपराध है। रेलवे ने यात्रियों से यह अपील भी की है कि वे अपनी-अपनी ट्रेनों के प्रस्थान से पहले टर्मिनस/स्टेशन पर पहुंचें और सीमित सामान साथ लेकर चलें।
