९ पर महायुति, १ पर महाविकास आघाड़ी
निर्दलीय उम्मीदवार पूरी तरह हुए बाहर
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर ताकत का सीधा प्रदर्शन देखने को मिला है। विधान परिषद की १० सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब औपचारिकता बनकर रह गया है। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होते-होते मुकाबला खत्म हो गया और ‘निर्विरोध जीत’ की पटकथा लिख दी गई। महायुति ने अपना संख्याबल दिखाते हुए ९ सीटों पर लगभग कब्जा तय कर लिया है, जबकि विपक्षी महाविकास आघाड़ी को एक सीट मिलती दिखाई दे रही है। ऐसे में अंबादास दानवे के साथ १० उम्मीदवारों की जीत तय है।
केंद्र चुनाव आयोग ने १२ मई २०२६ को मतदान की तारीख तय की थी, लेकिन मौजूदा हालात में मतदान की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। कुल १० सीटों के लिए ठीक उतने ही उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला अपने आप खत्म हो गया। तीन निर्दलीय उम्मीदवारों ने कोशिश जरूर की, लेकिन १० विधायकों के समर्थन वाली जरूरी शर्त पूरी न कर पाने के कारण उनके नामांकन रद्द होने के कगार पर हैं। वहीं महाविकास आघाड़ी के पास सीमित संख्या होने के कारण वह सिर्फ एक उम्मीदवार को ही सुरक्षित जीत दिला सकती है। यही वह मोड़ है जहां से चुनाव ‘बिना टक्कर’ का बन गया।
२८ वोट का कोटा
इस चुनाव में जीत के लिए २८ वोटों का कोटा जरूरी है। महायुति के पास विधायकों की मजबूत फौज है। इसमें भाजपा के १३१, शिंदे गुट के ५७ और दादा गुट के ४० विधायक होने के कारण उनके उम्मीदवारों की जीत तय मानी जा रही है। इसके उलट, विपक्ष के पास सिर्फ ४६ विधायक हैं।
