सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में तरबूज और बिरयानी खाने के बाद एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत की घटना ने पूरे शहर में सनसनी पैâला दी है। इस दर्दनाक मामले के बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर लोगों में डर का माहौल है। घटना के बाद मुंबई के कई बाजारों में तरबूज की बिक्री अचानक ठप हो गई है और दुकानों से तरबूज पूरी तरह गायब नजर आ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने जांच तेज कर दी है। जांच के लिए टीम जब दक्षिण मुंबई के प्रमुख फल बाजार पायधुनी मार्केट पहुंची, तो वहां हैरान करने वाली स्थिति सामने आई। बाजार में न तो कोई तरबूज बेचने वाला मिला और न ही किसी दुकान पर तरबूज दिखाई दिया। उधर, घटना के बाद प्रशासन ने शहर के फल बाजारों, बिरयानी दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि खुले में कटे फल या संदिग्ध खाद्य पदार्थ खरीदने से बचें और किसी भी तरह की तबीयत खराब होने पर तुरंत अस्पताल जाएं।
घटना के बाद बाजारों में दहशत
परिवार के चार लोगों की मौत के बाद लोगों में यह आशंका बढ़ गई है कि तरबूज या अन्य खाद्य पदार्थ दूषित हो सकते हैं। यही वजह है कि व्यापारियों ने भी एहतियातन तरबूज की बिक्री रोक दी है। कई दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक तरबूज खरीदने से बच रहे हैं और जांच पूरी होने तक माल नहीं मंगाया जा रहा है।
एफडीए टीम ने शुरू की सैंपल जांच
सूत्रों के अनुसार, एफडीए अधिकारियों ने बाजार क्षेत्र में पहुंचकर दुकानदारों से पूछताछ की और खाद्य पदार्थों के स्रोत की जानकारी जुटाने का प्रयास किया। अब यह जांच की जा रही है कि संबंधित परिवार ने जो तरबूज और बिरयानी खाई थी, वह कहां से खरीदी गई थी और उसमें किसी तरह का संक्रमण, केमिकल या फूड पॉइजनिंग का कारण तो नहीं था। चार लोगों की मौत के सही कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और खाद्य नमूनों की लैब जांच के बाद ही हो सकेगा।
