मुख्यपृष्ठग्लैमरछलका विद्या का दर्द

छलका विद्या का दर्द

अपनी एक्टिंग के बलबूते इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पैठ बना चुकी विद्या बालन आज किसी परिचय का मोहताज नहीं हैं, लेकिन एक वक्त था जब उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए नाकों चने चबाने पड़े थे। २००३ में बंगाली फिल्म ‘भालो थेको’ से अपने करियर की शुरुआत करनेवाली विद्या ने एक बातचीत में बताया कि २००५ में फिल्म ‘परिणीता’ मिलने तक उन्हें काफी स्ट्रगल करना पड़ा। कोई उनसे अपने नाक की सर्जरी करवाने को कहता तो कोई उनसे अपना सरनेम ‘बालन’ हटाने को कहता। साउथ में मोहनलाल के साथवाली फिल्म बंद होने के बाद उनके हाथ लगी अनगिनत फिल्में रेत की भांति फिसलते ही जहां उन्हें अनलकी मान लिया गया, वहीं मलयालम फिल्म के दौरान उन्हें अपना नाम बदलकर विद्या बालन से विद्या अय्यर करने पर मजबूर किया गया था। विद्या ने बताया कि फिल्म ‘परिणीता’ के दौरान विधु विनोद चोपड़ा ने उनसे कहा कि तुम्हारी नाक बहुत लंबी है, चलो सर्जरी करा लेते हैं। मैंने मना कर दिया। मैंने अपने चेहरे पर कभी कुछ नहीं करवाया, बस कभी-कभार फेशियल करवाया है। मैंने हमेशा अपने चेहरे को वैसा ही रखने में यकीन किया है जैसा भगवान ने इसे बनाया है।’ आपने बिल्कुल सही किया विद्या क्योंकि सफलता चेहरे से नहीं, दमदार एक्टिंग से मिलती है।

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