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मंडप के गड्ढों पर रु. १५ हजार दंड का है मामला … महायुति सरकार और मनपा में छिड़ी जंग!

-प्रशासन दंड लेने की जिद पर है अड़ी
-सरकार कह रही-दंड करेंगे कम
सामना संवाददाता / मुंबई
मनपा प्रशासन गणेशोत्सव के लिए बनाए जा रहे मंडप के कारण गड्ढा होने पर प्रत्येक गड्ढे पर १५,००० रुपए का जुर्माना वसूलने पर अड़ा हुआ है, वहीं महायुति सरकार जुर्माना कम करने की बात कर रही है। गौरतलब है कि वैâबिनेट मंत्री और पालकमंत्री के मुख्यालय कार्यालय में बैठने के बावजूद मनपा और सरकार के बीच समन्वय की कमी है और यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि असल में मनपा को कौन चला रहा है।
मुंबई महानगरपालिका के निर्वाचित नगरसेवकों का कार्यकाल ७ मार्च, २०२२ को समाप्त होने के बाद नगरपालिका का प्रशासन प्रशासक आयुक्त के माध्यम से चलाया जा रहा है। नगरपालिका का संपूर्ण प्रशासन अपने स्वयं के माध्यम से चलाने के लिए महायुति सरकार ने मनपा मुख्यालय में पालकमंत्री का कार्यालय स्थापित किया है। मनपा के इतिहास में पहली बार पालकमंत्री के लिए एक सुसज्जित कार्यालय प्रदान किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि सत्तारूढ़ दल के पालकमंत्री के लिए एक विशाल कार्यालय प्रदान करते हुए नगरपालिका प्रशासन ने अन्य दलों को जगह देने से इनकार कर दिया है।
सरकार का कहना है…
वैâबिनेट मंत्री और संयुक्त पालकमंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने बुधवार को मुंबई महानगरपालिका के `सी’ वार्ड कार्यालय में जनता दरबार का आयोजन किया। इस जनसभा में बोलते हुए, मंत्री लोढ़ा ने कहा कि वे मंडप गड्ढों के लिए घोषित १५,००० रुपए के जुर्माने को कम करने के लिए आयुक्त से मिलेंगे। गणेशोत्सव हम सभी के लिए आनंद और उल्लास का त्योहार है। हम ऐसे त्योहार के दौरान अत्यधिक जुर्माने के खिलाफ मंडलों की भावनाओं को समझते हैं। इसलिए हम इस संबंध में कोई समाधान निकालेंगे। इस तरह की बात मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कही।

क्या मुख्यमंत्री हस्तक्षेप करेंगे?
बेहिसाब दंड के खिलाफ मंडपों की ओर से बृहनमुंबई गणेशोत्सव समिति से शिकायत की गई है। समिति के अध्यक्ष नरेश दहिबावकर ने बताया कि वे इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलेंगे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या मुख्यमंत्री इस मामले में हस्तक्षेप कर कोई रास्ता निकालेंगे।

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