मुख्यपृष्ठनए समाचारयेऊर में दो सौ अवैध निर्माणों को तत्काल करो ध्वस्त! ...हाई कोर्ट...

येऊर में दो सौ अवैध निर्माणों को तत्काल करो ध्वस्त! …हाई कोर्ट का आदेश

-ठाणे मनपा को लगी तीसरी बार फटकार
-छह महीने में कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
सामना संवाददाता / मुंबई
प्राकृतिक रूप से सुंदर येऊर में बने दो सौ अवैध निर्माणों को तत्काल ध्वस्त करो, ऐसा आदेश कल मुंबई हाई कोर्ट ने ठाणे मनपा को दिया है। इसके साथ कोर्ट ने अवैध निर्माण को लेकर तीसरी बार मनपा को फटकार लगाई है। कोर्ट ने छह महीने के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने का आदेश देकर प्रशासन को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है।
उच्च न्यायालय ने मुंबई के खान कंपाउंड में २१ अवैध इमारतों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश देकर ठाणे मनपा को पहला बड़ा झटका दिया था। इसके बाद अदालत ने पिछले हफ्ते इसी इलाके में ११ इमारतों को गिराने का भी आदेश दिया। इस संबंध में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई थीं।
वर्ष २००९ में, येऊर निवासी याचिकाकर्ता बलिराम जाधव ने येऊर में अवैध निर्माणों के संबंध में एक याचिका दायर की थी। यह याचिका वर्ष २००९ से अदालत में लंबित थी। इस बीच इस याचिका की सुनवाई से छह साल पहले ही याचिकाकर्ता बलिराम जाधव का निधन हो गया। जब यह याचिका अदालत में दायर की गई थी, तब ठाणे मनपा ने अदालत को एक रिपोर्ट सौंपी थी कि येऊर में २०० अनधिकृत निर्माण हैं। अब, उच्च न्यायालय ने ठाणे मनपा को तीसरा बड़ा झटका देते हुए, उसे येऊर में बने २०० अवैध निर्माणों पर तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
बंगले, होटल व्यवसायी रडार पर
ठाणे मनपा ने येऊर में पहले ही बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही बिना अनुमति के निर्माण सामग्री ले जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब, जब हाई कार्ट ने २०० अ‍ैवध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है, इसके बाद मनपा के रडार पर बंगला मालिक, होटल व्यवसायी और रिसॉर्ट संचालक आ गए हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई होने की संभावना है।
उक्त याचिका पर सुनवाई करते हुए, न्यायमूर्ति आलोक आराध्ये ने येउर में अवैध निर्माणों को तत्काल ध्वस्त करने का आदेश दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कार्रवाई कर छह महीने के भीतर इस संबंध में एक रिपोर्ट अदालत को पेश की जाए।

अन्य समाचार