सरकारी जमीन पर २०११ तक के अतिक्रमणों को किया जाएगा नियमित
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई महानगरपालिका सहित राज्य की सभी महानगरपालिकाओं का चुनाव कभी भी घोषित हो सकता है। इस चुनाव के मद्देनजर राज्य की महायुति सरकार ने नित नए चुनावी झुनझुना देना शुरू कर दिया है। इसी के तहत राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने चुनावी झुनझुना देते हुए घोषणा की है कि २०११ तक सरकारी जमीन पर जो भी अतिक्रमण किए गए हैं, उन्हें नियमित किया जाएगा। यानी सरकारी जमीन पर ५०० वर्गफुट तक के आवासीय अतिक्रमणों को एक विशेष अभियान चलाकर नि:शुल्क नियमित किया जाएगा और शेष अतिक्रमणों पर बाजार मूल्य के अनुसार, जुर्माना लगाकर उन्हें नियमित किया जाएगा, इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इससे राज्य के लगभग ३० लाख अतिक्रमणकारियों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना में ३० लाख मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए, सरकारी जमीन पर ५०० वर्गफुट तक के आवासीय अतिक्रमणों को नियमित करने का निर्णय लिया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकानों के लिए स्वामित्व वाली जमीन अनिवार्य है। इसीलिए यह निर्णय लिया गया है। अगर अतिक्रमणों को नियमित किया जाता है, तो जमीन मालिकों के लिए जमीन अपने नाम दर्ज कराकर नए मकान बनाना संभव हो सकेगा। राज्य में, जिला कलेक्टर के अधिकार क्षेत्र वाले क्षेत्रों, वन भूमि, बंजर भूमि और झाड़ीदार वनों में वर्षों से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण मौजूद हैं। सरकार इन अतिक्रमणों को नियमित करने और स्थानीय निकायों को संपत्ति कर के माध्यम से राजस्व प्रदान करने का प्रयास कर रही है। तदनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ मध्यम और छोटे शहरों में आवासीय उद्देश्यों के लिए सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमणों को नियमित करने के लिए नीति में संशोधन किया गया है। बावनकुले ने बताया कि स्थानीय निकायों के क्षेत्र में निजी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को पट्टे आवंटित करने के लिए एक कार्य प्रक्रिया तय की गई है।
