-कोकाटे से छिनेगा कृषि विभाग
-दादा के खासमखास भरणे को सौंपी जा सकती है कमान
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने एक बार फिर जनता की भावनाओं को ठेंगा दिखाते हुए शर्मनाक कारनामों में लिप्त मंत्री को बचाने की कोशिश की है। विधान परिषद में मोबाइल पर रमी खेलते पकड़े गए कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे को इस्तीफे की जगह ‘इनाम’ में नया मंत्रालय देने की तैयारी की गई है। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, कोकाटे से कृषि मंत्रालय छीनकर अब यह विभाग अजीत पवार के खासमखास दत्तात्रय भरणे को सौंपा जा रहा है, जबकि कोकाटे को खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान विधान परिषद में मोबाइल पर रमी खेलना कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे के लिए भारी पड़ गया है। महायुति सरकार ने कोकाटे से कृषि मंत्रालय छीनने का निर्णय लिया है। बताया गया है कि विपक्ष द्वारा कोकाटे के इस्तीफे की मांग के बावजूद महायुति सरकार ने इस्तीफे के बजाय मंत्रालय में फेरबदल करनेवाला बीच का रास्ता अपनाया है। सूत्रों के मुताबिक, दत्तात्रय भरणे उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के बेहद करीबी माने जाते हैं। वे इंदापूर विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीसरी बार विधायक चुने गए हैं। महाविकास आघाड़ी सरकार में उन्हें पहली बार मंत्री पद मिला था और अब महायुति सरकार में भी अजीत पवार ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें वैâबिनेट मंत्री भी बनाने का निर्णय लिया है।
कोकाटे की करतूत, महायुति की मजबूरी!
कृषि जैसे गंभीर विभाग की कमान ऐसे मंत्री को सौंपी गई थी, जो सदन में बैठे-बैठे रमी खेलते नजर आए। ये वही कोकाटे हैं, जिन्होंने किसानों के खिलाफ कई बार विवादास्पद बयान देकर भी बवाल खड़ा कर दिया था, लेकिन हैरानी की बात ये है कि सरकार ने कार्रवाई के नाम पर केवल ‘मंत्रालय बदलो नाटक’ रच दिया है। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि कोकाटे की करतूत पर पर्दा डालने की कोशिश करना महायुति के लिए मजबूरी बन गया है।
दादा गुट ने सौंपा मंत्रालयों के फेरबदल का पत्र
सूत्रों के अनुसार, अजीत पवार की ओर से यह पत्र भेजा गया है कि कृषि मंत्रालय दत्तात्रय भरणे को दिया जाए और माणिकराव कोकाटे को खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जाए। जब इस पर भरणे से सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि वे फिलहाल इंदापूर में खेतों में काम कर रहे हैं।
फडणवीस-दादा-तटकरे की बैठक में हुआ फैसला
सह्याद्रि अतिथिगृह में कल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप मुख्यमंत्री अजीत पवार और दादा गुट के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे की महत्वपूर्ण बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक, इसी बैठक में यह तय किया गया कि माणिकराव कोकाटे से कृषि मंत्रालय लेकर उन्हें दूसरा विभाग सौंपा जाएगा। इस घटनाक्रम से साफ है कि सरकार विपक्ष की मांग पर इस्तीफा नहीं ले रही, बल्कि मंत्रालय में अदल-बदल कर स्थिति को संभालने की कोशिश कर रही है। अब देखना होगा कि इस ‘विभाग बदल’ पर विपक्ष क्या रुख अपनाता है।
