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महायुति सरकार का जारी है कारनामा … लाडली बहनों के लिए फिर डाला सामाजिक न्याय विभाग में डाका! …४१०.३० करोड़ रुपए किया ट्रांसफर

सामना संवाददाता / मुंबई
लाडली बहनों को खुश करने की कीमत अब समाज के सबसे वंचित वर्गों से वसूली जा रही है। आर्थिक संकट में फंसी महायुति सरकार ने एक बार फिर कारनामा करते हुए सामाजिक न्याय विभाग के ४१०.३० करोड़ रुपए ‘लाडली बहन’ योजना के नाम पर ट्रांसफर कर दिए हैं। इस तरह के कारनामों को अंजाम देकर महायुति सरकार ने लाडली बहनों के लिए एक बार फिर से सामाजिक न्याय विभाग पर डाका डालने का काम किया है। ऐसे में अनुसूचित जाति और जनजाति उपयोजनाओं के लिए तय फंड में बार-बार की जा रही यह कटौती अब सवालों के घेरे में है।
उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष २०२५-२६ के बजट में राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति उपयोजना के लिए २२,६५८ करोड़ रुपए और अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए २१,४९५ करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इसमें से सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग के लिए सहायक अनुदान स्वरूप ३,९६० करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए थे। इसी में से ४१०.३० करोड़ रुपए महिला व बाल विकास विभाग को दे दिए गए हैं। इससे पहले भी इतनी ही राशि इसी विभाग को दी गई थी।
हर महीने फंड किए जाएंगे ट्रांसफर
आदिवासी विकास विभाग को दिए गए ३,४२० करोड़ रुपए के सहायक अनुदान में से पहले ही ३३५.७० करोड़ रुपए ‘लाडली बहन’ योजना के लिए ट्रांसफर किए जा चुके हैं। संकेत मिल रहे हैं कि आनेवाले दिनों में आदिवासी विकास विभाग से भी फिर से योजना के लिए फंड ट्रांसफर होंगे। बताया गया है कि इन दोनों विभागों से हर महीने फंड ट्रांसफर किया जाएगा।
कल जारी हुआ शासनादेश
महिला व बाल विकास विभाग को ‘लाडली बहन’ योजना के लिए २,९८४ करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। इसे लेकर कल शासनादेश जारी किया गया है, लेकिन फंड की कमी के कारण सरकार को अब सामाजिक न्याय और आदिवासी विकास जैसे विभागों के पैसे ट्रांसफर करने पड़ रहे हैं। कुल मिलाकर आर्थिक संकट से जूझ रही महायुति सरकार इन विभागों के फंड पर डाका डालने का काम कर रही है।

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