सोम मिश्रा “शिवम” / मुंबई
ताज नगरी आगरा से निकलकर मायानगरी की चारदीवारी में प्रवेश पाने को लालायित युवा फिल्ममेकर व उद्यमी देवाशीष प्रमोद कुमार काफी समय से भारतीय सिनेमा उद्योग में अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। बीटेक की डिग्री हासिल करने के साथ-साथ उन्होंने भारतीय सिनेमा में भी पदार्पण करने का मन पूरी तरह से बना लिया था और वे उसकी बारीकियों को समझने और उन्हें उनके अंजाम तक बेहतरीन तरीके से पहुंचाने की दिशा में निरंतर अभ्यास करते रहे। फिल्म जगत से जुड़े लोगों के साथ निरंतर अपनी अभिरुचि दर्शाते रहे और लघु फिल्मों के माध्यम से अपनी प्रतिभा को सिनेमा के पर्दे पर उकेरते रहे, जिसके चलते वह अब तक कई डॉक्यूमेंट्री फिल्में बना चुके हैं। लेकिन अब वह अपनी सिनेमा के प्रति जिम्मेदारी को पूरी तरह से निभाने के लिए बॉलीवुड में दस्तक देने के लिए तैयार हैं। लघु फिल्मों की श्रृंखला में युवा फिल्ममेकर और उद्यमी देवाशीष प्रमोद कुमार अपनी रचनात्मकता और मेहनत से फिल्म जगत में एक नया कीर्तिमान पहले ही स्थापित कर चुके हैं। उनकी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि दो प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल्स में सिलेक्ट होकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय प्रतिभा का परचम लहराया है।
देवाशीष प्रमोद कुमार, जो एक सफल युवा उद्यमी भी हैं, अपनी फिल्मों में समाज और इंसानियत के अनदेखे पहलुओं को बखूबी पेश करते हैं। उनकी कहानी कहने की अनोखी शैली और सच्चाई को कैमरे में उतारने का अंदाज जूरी को खासा प्रभावित कर गया। इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए देवाशीष प्रमोद कुमार ने कहा, “मेरे लिए यह सिलेक्शन सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि प्रेरणा है कि मैं ऐसी कहानियां बनाता रहूं, जो समाज पर सकारात्मक असर डालें।” देवाशीष प्रमोद कुमार की यह उपलब्धि न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री, बल्कि युवा उद्यमियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। लेकिन अब फिल्म बॉलीवुड में पूरी तरह से एंट्री मारने की तैयारी कर चुके देवाशीष से ताज नगरी के युवाओं में भी उम्मीद की एक नई किरण जागी है, क्योंकि देवाशीष अपने ट्रस्ट मीडिया एंटरटेनमेंट के जरिए क्षेत्र की नई उभरती प्रतिभाओं को साथ लेकर चलने का सपना जो देख चुके हैं। अब देखना यह होगा कि युवा फिल्ममेकर देवाशीष प्रमोद कुमार अपने इस महत्वाकांक्षी अभियान में कहां तक सफर तय कर पाते हैं।
