विक्रम सिंह / सुल्तानपुर
योगी सरकार के भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के दावे को अफसर किस तरह बट्टा लगा रहे हैं इसका ज्वलंत उदाहरण यूपी के सुल्तानपुर में सामने आया है। यहां हाइवे पर अवैध रूप से बगैर परमिट सब्जी ढो रहे वाहन को अनुमति देने के लिए दस हजार रुपए ऑनलाइन रिश्वत ले ली! प्रकरण सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पीड़ित ने मुख्यमंत्री जिलाधिकारी व परिवहन आयुक्त से शिकायत कर दी है। प्रकरण तूल पकड़ता हुआ देखकर उच्चाधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए हैं, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।
प्रकरण यूपी के सुल्तानपुर जिले में बेलवाई के पास पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का है। गुरुवार को सुल्तानपुर के एआरटीओ प्रवर्तन भूपेश गुप्त चेकिंग ड्यूटी पर थे। वे तीन चार स्टाफकर्मियों के साथ भोर में करीब तीन बजे चेकिंग कर रहे थे, तभी उन्होंने गोभी लदे पिकअप वाहन को रोक लिया। चालक ने बताया कि उसने एआरटीओ से बताया कि ‘गोभी लदी है साहब। इस पर वे बोले चालान होगा,दस हजार रु. दो तब छोड़ेंगे। इसपर चालक ने कहा दो हजार नगद है बस। तब साहब ने कहा कि रकम आनलाइन कर देने की बात कही।इसपर उन्होंने ‘स्कैनर’ दिया। चालक ने दस हजार रु. भेजा तब वाहन छूटा।आरोप है कि इस दौरान कई वाहनों को इसी तरह छोड़ लाखों रुपयों की अवैध वसूली की गई। दो दिन पहले एक व्यवसाई का केला लदे पिकअप को इन्हीं साहब ने चालान कर अखंड नगर थाने में सीज किया था। कच्चा माल होने के बाद भी उतरने नहीं दिया, सारा फल सड़ गया। फिलहाल, पीड़ित ने एआरटीओ की घूसखोरी पर डीएम,आरटीओ व सीएम से आनलाइन शिकायत कर दी है। सम्पूर्ण प्रकरण पर अभी तक आरोपी एआरटीओ ने कोई सफाई मीडिया के समक्ष नहीं पेश की है।
