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भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलीहातू में पेयजल संकट के समाधान पर खूंटी उपायुक्त से वार्ता…तुरंत समाधान का दिया आश्वासन-विजय शंकर नायक

अनिल मिश्र / रांची

झारखंड कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कहा है कि उलीहातू, जो महान जननायक एवं स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जन्मस्थली है, आज भीषण पेयजल संकट से गुजर रहा है। विगत लगभग 21 दिनों से गांव में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है और लगभग 120 से अधिक परिवार गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने आज कहा कि इस संबंध में खूंटी उपायुक्त से दूरभाष पर वार्ता कर उनका ध्यान आकृष्ट कराया गया कि भीषण गर्मी के कारण गांव के सभी कुएं लगभग सूख चुके हैं। ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को पीने का पानी लाने के लिए प्रतिदिन भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
उलीहातू तक पाइपलाइन से होने वाली जलापूर्ति भी पूरी तरह बंद है। पंप हाउस के समीप ट्रांसफॉर्मर पर पेड़ गिरने से बिजली बाधित हुई थी। यद्यपि ट्रांसफॉर्मर बदल दिया गया है, लेकिन लो-वोल्टेज की समस्या के कारण जलापूर्ति व्यवस्था अभी तक सुचारु नहीं हो सकी है। खूंटी उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि युद्धस्तर पर इसका समाधान किया जाएगा।
विजय शंकर नायक ने बताया कि वर्तमान में “मलुकम डाड़ी” और गोलपा मुंडा का कुआं ही ग्रामीणों के लिए पानी का अंतिम सहारा बन गया है। मलुकम डाड़ी में खेतों से रिस-रिस कर थोड़ा पानी जमा होता है, जिसे भरने के लिए महिलाओं की लंबी कतार लग रही है। लगभग पंद्रह फीट गहरी इस डाड़ी से महिलाएं बड़ी कठिनाई से बाल्टी के सहारे आधी देगची पानी निकाल पा रही हैं।
उन्होंने कहा कि गांव में पहले लगाए गए सो आधारित जलमीनार एवं पानी की टंकियां वर्षों से खराब पड़ी हुई हैं। एकमात्र ट्यूबवेल से खारा पानी निकलता है, जो अब उपयोग योग्य नहीं रह गया है। हर वर्ष गर्मी के मौसम में उलीहातू के लोगों को पेयजल संकट झेलना पड़ता है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है।
विजय शंकर नायक ने इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन, माननीय मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड सरकार को भी पत्र लिखकर मांग की है कि उलीहातू गांव में पीने के पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। साथ ही तत्काल टैंकर से पेयजल आपूर्ति शुरू करने, पाइपलाइन जलापूर्ति बहाल करने, लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने तथा खराब पड़े सोलर जलमीनारों और पानी की टंकियों की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की गई है।

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