-मुंबई की ८६ इमारतें बेहद खतरनाक
-तत्काल खाली कराने के दिए निर्देश
सामना संवाददाता / मुंबई
मानसून के मद्देनजर मुंबई की जर्जर और अत्यंत खतरनाक म्हाडा की पुरानी इमारतों में रहने वाले हजारों नागरिकों की सुरक्षा के लिए म्हाडा ने बड़े पैमाने पर अभियान शुरू कर दिया है। म्हाडा की ८६ अतिखतरनाक इमारतों को तत्काल खाली कराने और आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू करने तथा प्रभावित रहिवासियों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। म्हाडा मुख्यालय में आयोजित मानसून पूर्व समीक्षा बैठक में म्हाडा संबंधित सभी एजेंसियों को युद्धस्तर पर कार्रवाई करने का आदेश जारी किया गया है।
गौरतलब है कि म्हाडा प्रतिवर्ष मानसून पूर्व अपनी पुरानी इमारतों का सर्वेक्षण करती है और पाई जानेवाली जर्जर इमारतों को खाली करने का नोटिस जारी करती है। इस वर्ष म्हाडा की ८६ इमारतें जर्जर अवस्था में पाई गई हैं, जिनमें २,७३६ परिवार और व्यावसायिक दुकानों का समावेश है। जान हथेली पर लेकर लोग इन इमारतों में रहने को मजबूर हैं। रिपेयर बोर्ड के हालिया सर्वेक्षण में ८६ इमारतों को अत्यंत खतरनाक घोषित किया गया है। इनमें २,२५६ आवासीय किरायेदार/निवासी ४८० गैर-आवासीय इकाइयां यानी कुल २,७३६ लोग और प्रभावित हैं।
अब तक २९ निवासी म्हाडा के ट्रांजिट कैंप में स्थानांतरित किए जा चुके हैं, जबकि ३६ परिवारों ने स्वयं वैकल्पिक व्यवस्था कर ली है। शेष निवासियों को नोटिस जारी कर इमारतें खाली कराने की प्रक्रिया जारी है। म्हाडा ने स्पष्ट किया है कि जो पात्र निवासी स्वयं वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करेंगे, उन्हें प्रति माह २०,००० रुपए किराया सहायता दी जाएगी। अधिकारियों ने प्रभावित नागरिकों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है।
