योगेश कुमार सोनी / दिल्ली
पूर्वी दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन संगम’ के तहत नंद नगरी ट्रैफिक सर्किल कार्यालय में पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के अभियंताओं के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
बैठक में पीडब्ल्यूडी के जूनियर इंजीनियर गौरव गौतम एवं सत्यव्रत सिंह ने भाग लिया। इस दौरान मंडोली चुंगी फ्लाईओवर पर बढ़ती सड़क सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि फ्लाईओवर के दोनों ओर—भजनपुरा से भोपुरा बॉर्डर तथा भोपुरा बॉर्डर से भजनपुरा की दिशा में उतरते समय वाहन अत्यधिक गति से चलते हैं। मौजूदा प्लास्टिक रंबल स्ट्रिप्स भारी वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने में प्रभावी साबित नहीं हो रही हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि फ्लाईओवर के नीचे पैदल यात्रियों के लिए सिग्नलयुक्त क्रॉसिंग है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग सड़क पार करते हैं। तेज रफ्तार से उतरते वाहनों के कारण पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है और किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
बैठक के बाद ट्रैफिक पुलिस एवं पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने संयुक्त रूप से स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पीडब्ल्यूडी अभियंताओं ने सड़क सुरक्षा संबंधी चिंताओं को गंभीरता से स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि कंक्रीट रंबल स्ट्रिप्स, ओवरस्पीड चेतावनी संकेतक तथा अन्य आवश्यक सड़क सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र स्थापित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इन इंजीनियरिंग सुधारों से फ्लाईओवर पर वाहनों की गति नियंत्रित होगी, चालकों की सतर्कता बढ़ेगी, पैदल यात्रियों की सुरक्षा मजबूत होगी तथा भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं की संभावना में उल्लेखनीय कमी आएगी।
ऑपरेशन संगम के तहत ट्रैफिक पुलिस और विभिन्न विभागों के बीच इस प्रकार का समन्वय सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल माना जा रहा है।
