मुख्यपृष्ठसमाज-संस्कृतिठाणे में ‘अटल संस्मरण’ पुस्तक का लोकार्पण

ठाणे में ‘अटल संस्मरण’ पुस्तक का लोकार्पण

-मंथन मंच एवं अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शताब्दी वर्ष समारोह समिति के तत्वावधान में हुआ आयोजन

सामना संवाददाता / ठाणे

देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व और उनके कार्यकाल के अनछुए पहलुओं को उजागर करती पुस्तक ‘अटल संस्मरण’ का ठाणे के टाउन हॉल में लोकार्पण किया गया। इस गौरवमयी साहित्यिक उत्सव का आयोजन मंथन मंच एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्थापित अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शताब्दी वर्ष समारोह समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
इस गरिमामयी समारोह की अध्यक्षता मंथन मंच के अध्यक्ष एवं मंथन के संपादक महेश अग्रवाल ने की। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में विधायक संजय केलकर, विधायक निरंजन डावखरे तथा स्वयं पुस्तक के लेखक एवं पूर्व प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार अशोक टंडन (दिल्ली) मंच पर उपस्थित रहे।
अटल जी के साथ लंबे समय तक कार्य कर चुके वरिष्ठ पत्रकार अशोक टंडन ने प्रधानमंत्री कार्यालय के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि अटल जी का व्यक्तित्व दलगत राजनीति से ऊपर था। उनके साथ काम करना राष्ट्र सेवा के किसी विश्वविद्यालय में अध्ययन करने जैसा था। टंडन ने पुस्तक के माध्यम से नई पीढ़ी को अटल जी के उन निर्णयों से रूबरू कराया, जो पर्दे के पीछे रह गए थे।
विधायक संजय केलकर ने अटल जी के ऐतिहासिक निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि पोखरण परमाणु परीक्षण हो, देश का आधारभूत ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) मजबूत करना हो, नदियों को आपस में जोड़ने की योजना हो या कारगिल युद्ध में दुश्मनों को धूल चटाना हो, अटल जी का हर निर्णय केवल राष्ट्रहित और आत्मनिर्भर भारत के लिए समर्पित था।
विधायक निरंजन डावखरे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अटल जी का जीवन और उनके सिद्धांत आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं। उनकी कविताएं और भाषण आज भी देशवासियों में राष्ट्रभक्ति का संचार करते हैं। वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महेश अग्रवाल ने कहा कि यह पुस्तक इतिहास का एक जीवंत दस्तावेज है।
इस गरिमामयी अवसर पर मंथन मंच के सचिव इंद्रकुमार जैन, नगरसेवक विकास पाटील, समाजसेविका सुमन अग्रवाल, अमित ठक्कर, नलिनी मिश्रा, उमाकांत वर्मा सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक एवं प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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मन पाखी