मुख्यपृष्ठनए समाचारवाह रे सरकार... मोदी के स्टार्टअप में कंपनियां चाहिए पुरानी

वाह रे सरकार… मोदी के स्टार्टअप में कंपनियां चाहिए पुरानी

-सूचना विभाग ने हजारों युवाओं को किया बेरोजगार

-डीजीआईपीआर में पंजीकरण के लिए गजब शर्त

-जेन-जी हुए नाराज, आंदोलन की दे दी चेतवानी

रामदिनेश यादव / मुंबई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को रोजगार देने और काम धंधे के उद्देश्य से स्टार्टअप योजना शुरू की थी। राज्य की फडणवीस सरकार ने भी स्टार्टअप योजना को बढ़ावा देने का पैâसला किया। फडणवीस सरकार कई स्टार्टअप को मदद का दावा भी कर रही है। लेकिन महाराष्ट्र सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें दरकिनार कर पुराने लोगों को ही अवसर दिया जा रहा है। युवा और स्टार्टअप कंपनियों को शर्त लगाकर एक साल पीछे ठकेलने की साजिश की गई है।
दरअसल, महाराष्ट्र के सूचना एवं जनसंपर्क से संबंधित काम देने के लिए स्टार्टअप योजना के तहत नई कंपनियों को विभाग में पैनल पर लाने के लिए रजिस्टर कर रही है। पर इसके लिए शर्त रख दी गई है कि जो कंपनियां एक साल से ज्यादा पुरानी हैं अथवा उनका एक साल से ज्यादा काम करने का तजुर्बा है, उन्हें ही मौका दिया जाएगा। ऐसे में स्टार्टअप के नाम से यहां पहुंची नई कंपनियों को निराशा हाथ लगी है। उनका आरोप है कि जब सब कुछ पुराना है तो स्टार्टअप का क्या मतलब है। स्टार्टअप के नाम पर पुराने को मौका नए को दूर किया जा रहा है। एक कंपनी के हेड ने बताया कि यहां हमारे तजुर्बे को दरकिनार कर दिया गया है। अगर उन्हें शर्त रखना था तो कंपनी में शामिल लोगों के तजुर्बे को महत्व देते। यह गलत पैâसला हमें स्वीकार नहीं है।
स्टार्टअप उद्यमियों में नाराजगी
उद्यमियों ने इस बारे में मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग भी की है। इस विभाग में सरकारी अधिकारियों द्वारा की जा रही मनमानी को लेकर महाराष्ट्र में स्टार्टअप उद्यमियों में नाराजगी है। चेतवानी दी गई है कि यदि यह पैâसला बदला नहीं गया और यह शर्त हटाई नहीं गई तो हम मंत्रालय के समक्ष आंदोलन करेंगे। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने तर्क दिया कि एक दम से नए लोगों को काम देना रिस्की है। ऐसे में पुराने लोगों पर भरोसा करना हमारी मजबूरी है।

अन्य समाचार