मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनागूंज रहा अब वंदे मातरम डेढ़ सदी की तान लिये

गूंज रहा अब वंदे मातरम डेढ़ सदी की तान लिये

देकर शहीदों को सलामी हाथ में तिरंगी शान लिये,
निकले हैं युवा विकसित भारत का अरमान लिये,
80 साल की ये आज़ादी है एक नई पहचान लिये,
गूंज रहा अब वंदे मातरम डेढ़ सदी की तान लिये,
सीमा पर डटे वीर दुश्मन की मौत का सामान लिये,
हमारी रगों में बहता लहू अपने भारत की आन लिये,
चमकेगा यूं नाम हमारा हाथों में नया विज्ञान लिये,
सदियों की है संस्कृति गौरवशाली अभिमान लिये,
मिट्टी की खुशबू महकेगी खेतों में लहराती धान लिये,
मेहनत से बनेगा भाग्य खुशहाली का संविधान लिये,
तीन रंग जो पाये हमने अखण्डता का वरदान लिये,
मजहब अपना मानेंगे दिल में पूरा हिन्दुस्तान लिये,
गंगा-जमुनी तहज़ीब है यारों मीठी ये ज़ुबान लिये,
दिल में है इंसानियत हाथ में गीता और क़ुरान लिये,
वासुदेव कुटुम्बकम है आंखों में सारा जहान लिये,
विश्व गुरु हम कहलायेंगे अमन का ये निशान लिये,
जय हिन्द! वन्दे मातरम!
लेखक- राशिद मुरादाबादी

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