अनिल मिश्र / पटना
देश की आजादी की 80वीं वर्षगांठ की पूर्वसंध्या पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के संरक्षण में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) प्रकोष्ठ द्वारा विशेष रैली निकाली गई। सीयूएसबी परिवार के सदस्यों, प्राध्यापकों, कर्मियों एवं छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर से धर्मशाला तक निकाली गई ‘हर घर तिरंगा’ रैली में देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत होकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। कुलपति प्रो. के.एन. सिंह ने स्वयं झंडा दिखाकर विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों को इस विशेष अभियान के लिए रवाना किया।
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि यह अभियान न केवल हमारे राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान को बढ़ाता है, बल्कि युवाओं को देश के प्रति उनके कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि ‘कैंपस फॉर कम्युनिटी’ मुहिम के तहत धर्मशाला गांव में इस अभियान को सफल होते देखना हम सभी के लिए गर्व की बात है।
रैली में डीएसडब्ल्यू प्रो. पवन कुमार मिश्रा, प्रॉक्टर प्रो. प्रणव कुमार, एनएसएस समन्वयक प्रो. उषा तिवारी आदि उपस्थित रहे। रैली को सफल बनाने में एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारियों डॉ. अनिल कुमार, डॉ. रिंकी एवं डॉ. पारिजात प्रधान, प्रकोष्ठ के सदस्यों डॉ. पीयूष कुमार सिंह, डॉ. महेंद्र खत्रावत, डॉ. राधेश्याम ढोले के साथ डॉ. विकल कुमार सिंह, डॉ. अनुज कुमार सिंह आदि की अहम भूमिका रही।
इस संबंध में दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, पंचानपुर के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर स्थित मधुवन कैफेटेरिया से शुरू हुए इस फ्लैग मार्च में करीब 100 विद्यार्थियों के साथ प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। फ्लैग मार्च के दौरान छात्र-छात्राओं ने ‘विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा’, ‘भारत माता की जय’ और ‘जय जवान, जय किसान’ जैसे प्रभावी नारों से मार्च को उत्साह, उमंग और देशप्रेम की भावना से यादगार बना दिया।
विश्वविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने धर्मशाला गांव में घर-घर जाकर राष्ट्रीय ध्वज वितरित किए और मातृभूमि के प्रति त्याग, समर्पण और प्रेम का संदेश दिया। वहीं, मार्च में शामिल छात्र-छात्राओं ने कहा कि भारत अखंडता में एकता वाला देश है। हमारी एकजुटता ही हमारी शक्ति है। हम सभी मिलकर भारत को विकसित राष्ट्र बनाएंगे।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनिल ने कहा कि आज इस तिरंगे के नीचे खड़े होकर अभिमान का एहसास होता है। साथ ही, हम इस कर्तव्यबोध से भी ओतप्रोत हैं कि तिरंगे का सम्मान ऐसे ही बना रहे और हमारा देश विश्व में अपना एक मुकाम हासिल करे।
