अनिल मिश्र / रांची
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी के भाषण के बाद मंच का कथित रूप से “शुद्धिकरण” किए जाने की घटना पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल खड़गे जी का अपमान नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक समानता और करोड़ों दलित-वंचित भारतीयों के सम्मान पर सीधा हमला है।इस बीच विजय शंकर नायक ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने जिस संविधान के माध्यम से छुआछूत और जातिगत भेदभाव को चुनौती दी, उसी भारत में किसी व्यक्ति के भाषण के बाद उसके स्पर्श या उपस्थिति के कारण मंच का कथित “शुद्धिकरण” किया जाना जातिवादी और सामंती मानसिकता का शर्मनाक प्रदर्शन है। 21वीं सदी के भारत में ऐसी सोच के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को देश के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि वह बाबा साहेब के संविधान के साथ खड़ी है या उस मनुवादी व्यवस्था के साथ, जिसमें इंसान की सामाजिक हैसियत उसके जन्म से तय की जाती थी। एक तरफ भाजपा संविधान और आंबेडकर की बातें करती है और दूसरी तरफ उसके वैचारिक परिवेश में ऐसी घटनाएं सामने आती हैं—यह दोहरा चरित्र अब देश की जनता के सामने बेनकाब हो रहा है।इस बीच झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ताने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे जी का सार्वजनिक जीवन सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और वंचित समाज की आवाज को मजबूती देने के संघर्ष से जुड़ा रहा है। एक दलित परिवार से निकलकर देश की राजनीति के शीर्ष संवैधानिक पदों तक पहुंचना करोड़ों वंचितों के लिए प्रेरणा है। ऐसे नेता का अपमान किसी एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि उस संघर्ष और सामाजिक सम्मान का अपमान है।विजय शंकर नायक ने तीखे शब्दों में कहा कि “पानी छिड़ककर मंच साफ करने से जातिवादी मानसिकता साफ नहीं हो सकती। उसके लिए संविधान पढ़ना होगा और इंसान को इंसान समझना होगा।” भारत की असली शक्ति किसी कथित जातिगत शुद्धता में नहीं, बल्कि समानता, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुता में है। उन्होंने मांग की कि इस घटना का तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि जांच में जातिगत भेदभाव अथवा कानून का उल्लंघन प्रमाणित होता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। किसी भी व्यक्ति को जाति के आधार पर अपमानित करने या सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देने की छूट नहीं दी जा सकती।इस संबंध में कांग्रेस प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कहा—“खड़गे जी का अपमान कांग्रेस के एक नेता का अपमान भर नहीं है; यह संविधान की आत्मा और सामाजिक न्याय के संघर्ष का अपमान है। हिंदुस्तान अब जातिवादी मानसिकता के सामने झुकने वाला नहीं है। ‘खड़गे जी का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ का संदेश देश के कोने-कोने तक जाएगा और संविधान विरोधी मानसिकता को जनता करारा जवाब देगी।”
