अनिल मिश्र / रांची
कभी बिहार प्रदेश का हिस्सा रहा अब का झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल तथा वर्ष 2014 से टीडीपीएल के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं, परिणामों एवं चयन प्रक्रियाओं को रद्द करने के सरकार के निर्णय को मूलवासी सदान मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने छात्र हित में महत्वपूर्ण कदम बताया। राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि झारखंड गठन का उद्देश्य यहां के युवाओं को निष्पक्ष अवसर और रोजगार उपलब्ध कराना थाl लेकिन नियुक्ति प्रक्रियाओं में अनियमितताओं ने इस उद्देश्य को कमजोर किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के लगातार संघर्ष ने व्यवस्था में बदलाव की नई उम्मीद जगाई है। उन्होंने कहा कि मोर्चा पूरे छात्र आंदोलन में छात्रों के साथ खड़ा रहा और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर भी इस विषय पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया था। अब सरकार को भविष्य की नियुक्ति प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। राजेंद्र प्रसाद ने मांग की कि जेपीएससी के अध्यक्ष एवं सदस्यों का चयन ईमानदार और निष्पक्ष छवि वाले लोगों में से किया जाए तथा आयोग के कामकाज में सरकार का अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं को पारदर्शी व्यवस्था, निष्पक्ष परीक्षा और समयबद्ध नियुक्ति होनी चाहिए।
