अनिल मिश्र / रांची
अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के निर्देश पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी द्वारा 7 सितंबर, सोमवार को पूर्वाह्न 11 बजे लोक भवन, रांची के समक्ष खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम/विधेयक, 2026 तथा अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चंदे में कथित अनियमितताओं और चंदा चोरी के आरोपों के विरोध में राज्यस्तरीय विशाल मार्च एवं प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के स्थायी आमंत्रित सदस्य एवं झारखंड प्रभारी के. राजू, सह-प्रभारी डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद एवं भूपेंद्र मरावी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।इस संबंध में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने कहा कि झारखंड केवल खनिज संपदा की भूमि नहीं, बल्कि यहां के आदिवासी-मूलवासी समाज के जल, जंगल और जमीन तथा उनके अधिकारों की भूमि है। राज्य के प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े किसी भी कानून अथवा विधेयक में यदि जनता के हितों और राज्य के अधिकारों की अनदेखी होती है, तो कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों पर पहला अधिकार झारखंड की जनता के हितों का होना चाहिए। केंद्र सरकार की नीतियों के कारण यदि राज्य के हित प्रभावित होते हैं अथवा खनिज संपदा का लाभ चुनिंदा कॉरपोरेट घरानों तक सीमित किया जाता है, तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।इस बीच नायक ने कहा कि अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चंदे में कथित अनियमितताओं के आरोपों पर भी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े किसी भी विषय में यदि वित्तीय अनियमितता के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच और सार्वजनिक रूप से जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
विजय शंकर नायक ने कहा कि भाजपा नेतृत्व जनता को भावनात्मक मुद्दों में उलझाकर वास्तविक सवालों से ध्यान भटकाने की राजनीति बंद करे। झारखंड की जनता अपने प्राकृतिक संसाधनों, रोजगार, अधिकार और विकास को लेकर जवाब चाहती है। उन्होंने कहा कि 7 सितंबर का मार्च केवल कांग्रेस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड के अधिकारों, पारदर्शिता और जनहित की आवाज है। उन्होंने कांग्रेस के सभी नेताओं, पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं आम जनता से बड़ी संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की। “झारखंड के जल-जंगल-जमीन और खनिज संपदा की लूट नहीं चलेगी। जनता के अधिकारों से समझौता नहीं होगा। कांग्रेस सड़क से सदन तक जनहित की लड़ाई लड़ेगी।”
