-कंप्यूटर सहायक और 5 बीएलओ की सेवा समाप्त!
मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
उत्तर प्रदेश में पीलीभीत के बाद आजमगढ़ की मतदाता सूची में एक ही नाम की कई प्रविष्टियां सामने आने के मामले ने निर्वाचन व्यवस्था की एजेंसियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 347-आजमगढ़ की मतदाता सूची में ‘विकास यादव’ नाम हिंदी में 13 बार दर्ज पाये जाने का आरोप समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लगाया था। जब मामले की जांच की गयी तो अखिलेश यादव का आरोप सही पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार पाए गए कंप्यूटर सहायक और पांच बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को मतदाता सूची संबंधी कार्य से तत्काल हटाने तथा उनकी सेवा समाप्ति के संबंध में नोटिस जारी करने के निर्देश जारी कर दिया।साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्वाचन संबंधी यह मामला समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित प्रेस वार्ता में उठाया गया था। पार्टी ने आरोप लगाया था कि आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में विकास यादव नामक व्यक्ति का नाम 10 बार दर्ज है। मामले का मनोवैज्ञानिक लेते हुए विस्तृत जांच कराई गई और जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ से रिपोर्ट प्राप्त की गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार, आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में हिंदी में ‘विकास यादव’ नाम की कुल 13 प्रविष्टियां हैं। इनमें से दो प्रविष्टियों के विलोपन की कार्रवाई पहले ही नियमानुसार की जा चुकी थी। शेष 11 प्रविष्टियां आजमगढ़ जिले के 11 अलग-अलग व्यक्तियों से संबंधित पाई गई, जो अपने-अपने गांवों में निवास कर रहे हैं। इन 11 व्यक्तियों में वास्तविक विकास यादव को छोड़कर अन्य 10 व्यक्तियों के नाम और अन्य विवरण में संशोधन के लिए फॉर्म-8 भरवाए गए हैं। जांच में समान नाम और समान पिता के नाम वाला एक मतदाता गोरखपुर जिले के चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से संबंधित भी पाया गया, जिनमें प्रविष्टि अन्य 13 प्रविष्टियों से अलग है।
प्रकरण में दोषी पाए गए मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर सहायक और पांच बूथ लेवल अधिकारियों को मतदाता सूची के कार्य से तत्काल हटाने तथा उनकी सेवा समाप्ति के संबंध में नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त. विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 347- आजमगढ़ के कंप्यूटर सहायक, संबंधित बीएलओ, तत्कालीन निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी और दो सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत कार्रवाई किए जाने से पहले नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मतदाता सूची तैयार करने के दौरान पदीय अभ्यर्थियों के कार्यों में विभागीय कार्रवाई और पर्यवेक्षण में शिथिलता सिंचाई के आरोप में तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए आरोपपत्र जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मामले की लंबित को देखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ को जिले के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की भी इसी बिंदु पर गहन जांच कराने और विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के आकार और प्रस्तावित कार्रवाई के बाद अब यह मामला मतदाता सूची तैयार करने, प्रविष्टियों के सत्यापन और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण हो गया है।
