-पूर्व चीफ इलेक्शन कमिश्नर एस.वाई. कुरैशी
कोलकाता। भारत के पूर्व चीफ इलेक्शन कमिश्नर एस.वाई. कुरैशी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोलकाता में ‘हाशिम अब्दुल हलीम स्मृति व्याख्यान’ को संबोधित करते हुए चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने कहा कि मतदाता सूचियों में जिस पैमाने पर गड़बड़ियां और नाम हटाए जाने के मामले सामने आए हैं, उसे देखते हुए वह मानते हैं कि यह चुनाव कानूनी रूप से वैध नहीं था।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और फॉर्म-६ पर उठाए सवाल
एस. वाई. कुरैशी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन एसआईआर के नाम पर कई वैध मतदाताओं के नाम अनुचित तरीके से हटा दिए गए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से नामांकित मतदाताओं को अचानक नए आवेदक की तरह व्यवहार में लाना और फर्जी घोषणा पत्र (फार्म ६) भरवाने के लिए मजबूर करना पूरी तरह से अनुचित और अतार्किक है। कुरैशी ने एसआईआर प्रक्रिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इसे पिछले दरवाजे से नहीं, बल्कि सीधे तौर पर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की तरह लागू करने जैसा प्रयास माना जा सकता है।
मामला सुप्रीम कोर्ट के अधीन
हालांकि, पूर्व चीफ इलेक्शन कमिश्नर ने यह स्पष्ट किया कि वे पूरे चुनाव परिणाम को तुरंत रद्द करने का दावा नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला अब देश की सुप्रीम कोर्ट के समक्ष है और वही इस पर सही और अंतिम निर्णय लेगी। अदालत को उन क्षेत्रों और निर्वाचन क्षेत्रों की गहन जांच से शुरुआत करनी चाहिए, जहां बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने की आशंकाएं जताई गई हैं।
कुरैशी ने चुनाव आयोग की बहु-सदस्यीय संरचना और आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि संस्था की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक सिद्धांतों की रक्षा हो सके।
