सामना संवाददाता / कोलकाता
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के कोलकाता के कालीघाट स्थित घर और पार्टी कार्यालय पर कथित हमले के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार सुबह मौके पर पहुंचीं ममता ने पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए कहा, `अगर हिम्मत है तो मेरी छाती पर बुलडोजर चलाकर दिखाओ।’ उन्होंने पुलिस पर पक्षपात करने और भाजपा कार्यकर्ताओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
आरोप है कि शुक्रवार देर रात भाजपा कार्यकर्ताओं ने अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर हंगामा किया और पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की। इस दौरान तृणमूल और भाजपा समर्थकों के बीच तीखी झड़प और पत्थरबाजी भी हुई। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। अभिषेक ने दावा किया कि हमले में उनकी पार्टी के चार से पांच कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों के पास कील लगी लाठियां थीं। घटना के विरोध में अभिषेक पूरी रात घर के बाहर धरने पर बैठे रहे। शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे पुलिस के हस्तक्षेप के बाद वे घर के भीतर गए। इसके बाद ममता बनर्जी ने कालीघाट थाने के प्रभारी अधिकारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस को निष्पक्ष रहना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस ने अपनी हद पार की तो मामला सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगी।
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`बीजेपी के गुंडों ने मेरे घर पर हमला किया’
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमस) के नेता अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर लिखा कि लगातार दो दिनों की रेकी के बाद रात २ बजे बीजेपी के गुंडों ने मेरे घर पर इस तरह हमला किया। आप फुटेज देखकर खुद दी समझ सकते हैं। अगर एक चुने हुए सांसद के साथ ऐसा हो सकता है तो सोचिए पश्चिम बंगाल में आम आदमी का क्या हाल होगा।
